अवैध लकड़ी कारोबार के खिलाफ कार्रवाई : गरियाबंद के इंदागांव में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, घर से अवैध सागौन लकड़ी जब्त; 15 चिरान और 2 पलंग पट्टा बरामद

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के इंदागांव में वन विभाग ने अवैध लकड़ी के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की टीम ने सर्च वारंट के आधार पर एक घर में छापेमारी कर बड़ी मात्रा में अवैध सागौन लकड़ी बरामद की है। कार्रवाई के दौरान 15 नग सागौन चिरान और 2 पलंग पट्टा जब्त किए गए हैं। मामले में भारतीय वन अधिनियम और काष्ठ चिरान अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
सर्च वारंट के आधार पर घर में छापा
जानकारी के मुताबिक, वन विभाग की टीम को इंदागांव में अवैध रूप से सागौन लकड़ी रखे जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की टीम ने सर्च वारंट प्राप्त कर संबंधित घर में छापेमारी की।
देर शाम की गई इस कार्रवाई के दौरान टीम ने घर की तलाशी ली, जहां अवैध रूप से रखी गई सागौन की लकड़ी बरामद हुई।
15 नग सागौन चिरान और 2 पलंग पट्टा जब्त
तलाशी के दौरान वन विभाग की टीम को 15 नग सागौन चिरान और 2 पलंग पट्टा मिले। टीम ने सभी लकड़ियों को जब्त कर लिया है। वन विभाग अब जब्त की गई लकड़ी के स्रोत और उसके अवैध कारोबार से जुड़े पहलुओं की जांच कर रहा है।
भारतीय वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज
अवैध रूप से सागौन लकड़ी रखने और उससे जुड़े मामले में वन विभाग ने भारतीय वन अधिनियम और काष्ठ चिरान अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
विभाग की ओर से मामले की आगे जांच की जा रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि जब्त की गई सागौन लकड़ी कहां से लाई गई थी और इसके पीछे अवैध कारोबार से जुड़े और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
अवैध लकड़ी कारोबार के खिलाफ कार्रवाई जारी
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन संपदा की सुरक्षा को लेकर वन विभाग लगातार निगरानी और कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में इंदागांव में हुई कार्रवाई को अवैध लकड़ी कारोबार के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
वन विभाग की टीम का कहना है कि जंगल और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाली अवैध गतिविधियों के खिलाफ जांच और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी

नीलम अहिरवार
17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।
