नक्सल सप्ताह के दौरान बड़ी बरामदगी : गढ़चिरौली में नक्सलियों के बीच जंगल में छिपाए हथियार और विस्फोटक बरामद, SLR समेत 14 हथियार जब्त

महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा से लगे गढ़चिरौली जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। नक्सल सप्ताह के दौरान गढ़चिरौली पुलिस और CRPF की संयुक्त टीम ने कुमनार जंगल में जमीन के अंदर छिपाकर रखे गए हथियार और विस्फोटक बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, माओवादियों ने सुरक्षा बलों पर हमले की साजिश के तहत इन हथियारों और विस्फोटकों को जंगल में छिपाकर रखा था। समय रहते बरामदगी होने से एक बड़ी साजिश को नाकाम करने का दावा किया गया है।
गुप्त सूचना पर चलाया गया संयुक्त अभियान
पुलिस के अनुसार, 1 अगस्त 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि कुमनार जंगल में माओवादियों ने बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक छिपाकर रखे हैं। सूचना के आधार पर गढ़चिरौली पुलिस के विशेष अभियान दल, बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) और CRPF की संयुक्त टीम ने जंगल में तलाशी अभियान शुरू किया।
अभियान पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के मार्गदर्शन में चलाया गया। तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों को जमीन के अंदर छिपाकर रखे गए हथियार और विस्फोटक बरामद हुए।
SLR और .303 राइफल समेत हथियार बरामद
सुरक्षा बलों ने कार्रवाई के दौरान कुल 14 हथियार बरामद किए। जब्त सामान में शामिल हैं:
1 SLR राइफल
1 .303 राइफल
7 बारह बोर राइफल
3 सिंगल शॉट राइफल
2 BGL लॉन्चर
3 SLR मैगजीन
1 IED विस्फोटक
2 बैटरियां
पुलिस ने बरामद हथियारों और विस्फोटक को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
नक्सल सप्ताह के दौरान बड़ी बरामदगी
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब नक्सल गतिविधियों को लेकर सुरक्षा बलों की ओर से जंगल और संवेदनशील इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। पुलिस और सुरक्षा बल माओवादी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
कुमनार जंगल से हथियार और IED बरामद होने के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और सर्च ऑपरेशन को और मजबूत किया गया है।
सुरक्षा बलों पर हमले की साजिश का दावा
पुलिस का कहना है कि माओवादी सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए जंगलों में हथियार और विस्फोटक छिपाकर रखते थे। बरामदगी के बाद पुलिस ने दावा किया कि समय रहते हथियार और IED मिलने से सुरक्षा बलों के खिलाफ संभावित हमले की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया गया।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद हथियार और विस्फोटक जंगल में किसने और कब छिपाए थे। इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।
महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर बढ़ाई गई निगरानी
गढ़चिरौली जिला महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा के करीब होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में जंगलों में माओवादी गतिविधियों की आशंका को देखते हुए सुरक्षा बलों की ओर से लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
कुमनार जंगल में हुई इस कार्रवाई को सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता माना जा रहा है। हथियारों और IED की बरामदगी से संभावित माओवादी हमले को रोकने में मदद मिली है।
नीलम अहिरवार
17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।
