मप्र में नहीं थमेगी विकास की रफ्तार, : मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला, 13 हजार करोड़ की सिंचाई परियोजनाओं के जारी रहेंगे काम

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक में विकास और जनसुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में जनहित और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने दी।
मंत्री पटेल ने बताया कि सरकार ने 90 हजार करोड़ की लागत वाले विकास कार्यों को वर्ष 2031 तक निरंतर जारी रखने का प्रशासनिक अनुमोदन दिया है। इसमें 13,000 करोड़ से अधिक की सिंचाई परियोजनाएं शामिल हैं। बैठक में स्कूलों के उन्नयन के साथ उनके लिए पद स्वीकृत करने सहित अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इसके साथ ही प्रदेश में सुगम परिवहन और ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के मालिकाना हक को मजबूत करने की दिशा में भी अहम फैसले लिए गए।
25 सितंबर से शुरू होगी सुगम बस सेवा
कैबिनेट में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा को लेकर भी चर्चा हुई। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर 25 सितंबर से प्रदेश में सुगम बस सेवा की शुरुआत की जाएगी। इसके तहत पहले चरण में 150 शहरों और 436 अंतरजिला मार्गों को विकसित किया जाएगा। योजना का दायरा आगे बढ़ाकर विकासखंड स्तर तक भी पहुंचाया जाएगा।
17 सितंबर से इंदौर में स्वामित्व योजना का विस्तार
कैबिनेट ने स्वामित्व योजना को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मंत्री के मुताबिक करीब 4 हजार करोड़ रुपए खर्च कर योजना का विस्तार किया जाएगा। इसकी शुरुआत 17 सितंबर से इंदौर में होगी। प्रदेश में अब तक करीब 68 लाख अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं।
योजना के तहत निजी समितियों का पंजीयन निरूशुल्क किया जाएगा। संपत्ति का मालिकाना हक स्पष्ट होने से लोगों को बैंक से ऋण लेने में आसानी होगी। साथ ही जमीन और संपत्ति से जुड़े विवादों में कमी आने की उम्मीद है। योजना को पंचायत स्तर तक ले जाने के लिए विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
ब्रिक्स सम्मेलन की उपलब्धियों पर भी चर्चा
बैठक में ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर भी चर्चा हुई। मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक ओर चीन के राष्ट्रपति और दूसरी ओर रूस के प्रमुख का होना भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति पर कड़ा संदेश दिया गया। ब्रिक्स देशों की सामूहिक ताकत को भी महत्वपूर्ण बताया गया और कहा गया कि यह समूह दुनिया की करीब आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है।
2027 के वैश्विक सम्मेलन के लिए 22 देशों को न्योता
बैठक में यह भी बताया गया कि वर्ष 2027 में प्रस्तावित वैश्विक शिखर सम्मेलन के लिए 22 देशों को आमंत्रित किया गया है। सरकार का मानना है कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंचों से भारत की भूमिका और प्रभाव को नई मजबूती मिल रही है।
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