धरने पर बैठे अभ्यर्थियों को बड़ा झटका : पद बढ़ाने की मांग पर शिक्षा विभाग ने दिया दो टूक जवाब, चयनित शिक्षक भी मानने से किया इनकार

भोपाल। शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर तीन सप्ताह से अधिक समय से धरने पर बैठे धरना दे रहे अभ्यर्थियों बड़ा झटका लगा है। शिक्षा विभाग ने दो टूक शब्दों में कहा है कि परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद पहले से पदों की संख्या में बदलाव नहीं किया जा सकता। ऐसे में वर्तमान भर्ती में अतिरिक्त पद जोड़ने की मांग नियमों के अनुरूप नहीं होने के कारण स्वीकार नहीं की जा सकती। इतना ही नहीं शिक्षा विभाग ने धरना दे रहे अभ्यर्थियों को चयनित शिक्षक अभ्यर्थी मानने से भी इनकार किया है।
विभाग के अनुसार चयन प्रक्रिया में केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को चयनित माना जा सकता है, जिनका नाम निर्धारित चयन सूची में शामिल है। रिक्त पदों की मौजूदगी मात्र से किसी अभ्यर्थी को नियुक्ति का अधिकार नहीं मिल जाता।
खाली पदों को अगली भर्ती में शामिल करने का विकल्प
विभाग ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि विभिन्न कारणों से खाली रह गए पदों को भविष्य की नई भर्ती प्रक्रिया में विज्ञापित किया जा सकता है। हालांकि इन्हें पहले से पूरी हो चुकी अथवा परिणाम जारी हो चुके भर्ती विज्ञापन में बाद में जोड़कर पद वृद्धि नहीं की जा सकती। विभाग का तर्क है कि भर्ती प्रक्रिया के नियम और विज्ञापित पदों की संख्या पहले से निर्धारित होती है।
बैकलॉग पदों को लेकर भी स्थिति साफ
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए निर्धारित कुछ पद योग्य अभ्यर्थी नहीं मिलने के कारण बैकलॉग में रह गए हैं। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि ऐसे पदों को सीधे अनारक्षित या अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध नहीं कराया जा सकता। इन पदों पर नियुक्ति आरक्षण से जुड़े निर्धारित नियमों के अनुसार ही होगी।
रिक्त पदों पर भर्ती नहीं होने का दावा गलत
विभाग ने यह भी कहा कि यह कहना सही नहीं है कि उपलब्ध रिक्त पदों पर भर्ती नहीं की जा रही। विभाग के अनुसार पदों की प्रकृति, आरक्षण व्यवस्था, भर्ती नियमों और संबंधित प्रक्रिया के आधार पर रिक्तियों को आगे की भर्ती में शामिल किया जा सकता है।
धरना जारी, लेकिन विभाग ने अपना रुख स्पष्ट किया
पद वृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थी लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में पद खाली होने के बावजूद उन्हें भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए। वहीं शिक्षा विभाग ने नियमों का हवाला देते हुए साफ कर दिया है कि परिणाम आने के बाद पुराने विज्ञापन में पद बढ़ाना विधि सम्मत नहीं है। विभाग ने संकेत दिया है कि रिक्त पदों पर अवसर भविष्य की भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से दिया जा सकता है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
