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छत्तीसगढ़ की मैकल पर्वतमाला : ठाकुरटोला की पहाड़ियों में स्थित है मंढीप खोल गुफा, घने जंगलों में छिपा है आस्था, रहस्य और रोमांच का अद्भुत संगम

नीलम अहिरवार

नीलम अहिरवार

Apr 29, 2026
07:51 AM
ठाकुरटोला की पहाड़ियों में स्थित है मंढीप खोल गुफा, घने जंगलों में छिपा है आस्था, रहस्य और रोमांच का अद्भुत संगम

छत्तीसगढ़ की मैकल पर्वतमाला के घने जंगलों में छिपा है आस्था, रहस्य और रोमांच का अद्भुत संगम…एक ऐसी गुफा…जिसका द्वार साल में सिर्फ एक बार खुलता है.जहां पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को पार करनी पड़ती है उफनती नदी…तय करना पड़ता है 10 किलोमीटर का कठिन सफर…और फिर होते हैं भगवान शिव के दुर्लभ दर्शन.खैरागढ़ जिले के छुईखदान विकासखंड के ग्राम ठाकुरटोला की पहाड़ियों में स्थित है रहस्यमयी मंढीप खोल गुफा…जिला मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर यह गुफा अक्षय तृतीया के बाद आने वाले पहले सोमवार को ही खुलती है…घने जंगल, पहाड़ी रास्ते और बार-बार नदी पार करने के बाद श्रद्धालुओं के सामने खुलता है प्रकृति और आस्था का अद्भुत द्वार…मान्यता है कि गुफा के भीतर स्वयंभू शिवलिंग और पवित्र कुंड मौजूद है…
जिसे आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है…

भस्मासुर से बचने के लिए महादेव ने इसी गुफा में शरण ली थी

स्थानीय मान्यताओं के मुताबिक भस्मासुर से बचने के लिए महादेव ने इसी गुफा में शरण ली थी…यही वजह है कि यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है…हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ के बावजूद गुफा में ऑक्सीजन की कमी न होना आज भी रहस्य बना हुआ है…ग्रामीणों की मानें तो दूसरे दिन गुफा को खुला रखा जाता है वो सिर्फ ये जानने के लिए कि कोई गुफा के अंदर छूट तो नहीं गया, कोई घने जंगल में गुम या छूट तो नहीं गया.क्योंकि यहां रास्त बहुत कठीन हैं…वहीं मान्यता ये भी है कि यहां के पवित्र कुंड में स्नान करने से त्वचा रोगों से राहत मिलती है…परंपरा के अनुसार गुफा खुलते ही सबसे पहले ठाकुरटोला राजपरिवार पूजा-अर्चना करता है.

27 अप्रैल 2026 दिन सोमवार को खुली गुफा

इस साल 27 अप्रैल दिन सोमवार को जैसे ही मंढीप खोल गुफा का द्वार खुला… आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा…करीब 50 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे…प्रशासन ने स्वास्थ्य शिविर, पेयजल, पार्किंग, लाइटिंग और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए… जंगल क्षेत्र होने की वजह से श्रद्धालुओं को विशेष सतर्कता बरतने की अपील भी की गई…अब प्रशासन की योजना है कि आने वाले समय में मंढीप खोल को भव्य धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए.रहस्य… रोमांच… और अटूट आस्था का संगम…मंढीप खोल सिर्फ एक गुफा नहीं…बल्कि छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक विरासत का जीवंत प्रतीक है…जहां साल में एक दिन खुलता है…लेकिन श्रद्धा हर दिन उमड़ती है

नीलम अहिरवार
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नीलम अहिरवार

17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।

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