छत्तीसगढ़ लोरमी : ‘थिंक टैंक नहीं, सैप्टिक टैंक निकले’ संदीप पाठक, बीजेपी में जाने पर लिखा गद्दार, आप कार्यकर्ताओं ने किया राज्यसभा सांसद के खिलाफ विरोध

मुंगेली: छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी विधानसभा क्षेत्र से आदमी पार्टी के सांसद रहे संदीप पाठक ने बीते दिनोंं भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है...जिसके बाद राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ मुंगेली जिले के लोरमी क्षेत्र में जबरदस्त विरोध देखने को मिला। लोरमी के बटहा स्थित उनके आवास पर बड़ी संख्या में पहुंचे नाराज आप कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया।गुस्साए कार्यकर्ताओं ने घर की दीवारों पर ‘गद्दार’ लिखकर अपना आक्रोश जताया। इतना ही नहीं…प्रदर्शनकारियों ने संदीप पाठक पर धोखाधड़ी और अवसरवाद का आरोप लगाते हुए तीखे राजनीतिक तंज भी कसे।

गुस्साए आप कार्यकर्ताओं ने उनके घर की दीवार पर लिखा —गद्दार
‘थिंक टैंक नहीं, सैप्टिक टैंक निकले’ संदीप पाठक
दरसलअ संदीप पाठक को आम आदमी पार्टी में रणनीति का मास्टरमाइंड माना जाता था। पंजाब में पार्टी की सरकार बनाने में उनकी बड़ी भूमिका रही थी और वे पंजाब प्रभारी भी रह चुके थे। लेकिन पार्टी छोड़ बीजेपी में शामिल होने के बाद अब वही नेता अपने पुराने कार्यकर्ताओं के निशाने पर हैं।-
कौन है राज्यसभा सांसद संदीप पाठक
माना जाता है कि संदीप पाठक आम आदमी पार्टी के दूसरे नेताओं की तुलना में भले ही सार्वजनिक मंचों पर कम दिखते रहे हों लेकिन साल 2016 में पार्टी में शामिल होने के बाद से ही कोर लीडरशिप में उनका असर बढ़ता ही गया.
संदीप पाठक को आम आदमी पार्टी की चुनावी रणनीति का चाणक्य कहा जाता रहा है. आम आदमी पार्टी पर क़रीबी नज़र रखने वालों का दावा है कि पार्टी को 2022 का पंजाब विधानसभा चुनाव जिताने का श्रेय भी संदीप पाठक को जाता है.संदीप पाठक की चुनावी रणनीति बनाने की काबिलियत की वजह से ही उन्हें 2022 में पार्टी की राजनीतिक मामलों की कमेटी का जनरल सेक्रेट्री बना दिया गया था. पार्टी में इतनी मजबूत स्थिति के बावजूद उनका इसे छोड़कर चले जाना राजनीतिक पर्यवेक्षकों को हैरान कर गया

बता दें कि पिछले हफ्ते ही आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों ने आप छोड़ते हुए बीजेपी में विलय का ऐलान किया था, जिसे राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन द्वारा स्वीकार भी कर लिया गया है। इनमें राघव चड्ढा से लेकर स्वाति मालीवाल, विक्रम साहनी, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक और राजिंदर गुप्ता का नाम शामिल है। ऐसे मे सागर रबारी का पार्टी छोड़ना केजरीवाल के लिए एक झटका है क्योंकि गुजरात में भी अगले साल के अंत में चुनाव है और गुजरात में केजरीवाल लगातार पार्टी के विस्तार के प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल संदीप पाठक की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.लेकिन बढ़ते तनाव को देखते हुए उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है.और पुलिस प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सवाल अब ये है क्या ये सिर्फ विरोध है. या फिर AAP के भीतर टूट की बड़ी तस्वीर? फिलहाल लोरमी की दीवारों पर लिखा गुस्सा.सियासी गलियारों में बड़ा संदेश दे रहा है.
नीलम अहिरवार
17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।
