बच्चों से राजनीतिक नारे लगवाने पर घिरे दिग्गी : मंत्री सारंग ने बोला तीखा हमला, कांग्रेस की चुप्पी उठाए सवाल

भोपाल। कांग्रेस के दिग्गज नेता और मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सनातन पदयात्रा के दौरान छात्रों से नारे लगाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। एक ओर जहां राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मामले में संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव और डीजीपी को मामले की जांच कर दो सप्ताह के अंदर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। वहीं दूसरी ओर भाजपा भी इस मसले को हमलावर हो गई है। कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने एनएचआरसी का समर्थन करते हुए दिग्विजय पर तीखा हमला बोला है।
मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि राजनीतिक कार्यक्रमों में बच्चियों को बुलाना, उन पर दबाव बनाकर शामिल करना और उनसे राजनीतिक नारे लगवाना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, इस तरह की गतिविधियां बच्चों के अधिकारों का हनन हैं और इन्हें किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
सारंग ने इस मुद्दे पर कांग्रेस की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को राजनीतिक गतिविधियों में शामिल करने के मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और इस पर स्पष्ट जवाब सामने आना चाहिए।
सनातन परंपराओं का हवाला देकर साधा निशाना
विश्वास सारंग ने नवरात्रि, दशहरे और कन्या पूजन की परंपराओं का उल्लेख करते हुए दिग्विजय सिंह की यात्रा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में कन्याओं को शक्ति का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है, लेकिन बच्चियों पर राजनीतिक नारे लगाने का दबाव बनाना गलत है।
सारंग ने आरोप लगाया कि वह पहले से ही कहते आए हैं कि दिग्विजय सिंह की यह यात्रा सनातन धर्म को बदनाम करने के उद्देश्य से निकाली जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि राजनीतिक लाभ के लिए इस तरह की यात्रा करने की आखिर क्या आवश्यकता है।
बच्चों से नारे लगवाने का वीडियो आने के बाद गरमाया मामला
दरअसल, दिग्विजय सिंह की ‘सनातन यात्रा’ के दौरान बच्चों को शामिल करने और उनसे राजनीतिक नारे लगवाने का एक वीडियो सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया। मामला सामने आने के बाद बच्चों के अधिकारों और राजनीतिक कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी को लेकर सवाल उठने लगे।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
