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रेलवे को मिली रफ्तार : मोदी कैबिनेट ने 9,450 करोड़ की चार परियोजनाओं पर लगाई मुहर, 410 किमी नया रेल मार्ग जुड़ने से बढ़ेगी परिवहन क्षमता

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 19, 2026
10:58 AM
मोदी कैबिनेट ने 9,450 करोड़ की चार परियोजनाओं पर लगाई मुहर, 410 किमी नया रेल मार्ग जुड़ने से बढ़ेगी परिवहन क्षमता

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केन्द्रीय कैबिनेट बैठक हुई। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में रेलवे के विस्तार को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। सरकार ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में चार बहु-मार्गी रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं पर करीब 9,450 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इन्हें वर्ष 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रेल नेटवर्क में करीब 410 किलोमीटर की अतिरिक्त क्षमता जुड़ेगी। इससे व्यस्त रेल मार्गों पर ट्रेनों की आवाजाही आसान होगी और यात्रियों के साथ मालगाड़ियों के संचालन में भी तेजी आएगी।

खड़गपुर-भद्रक चौथी लाइन सबसे बड़ी परियोजना

स्वीकृत परियोजनाओं में खड़गपुर-भद्रक के रानीताल तक 173 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन सबसे बड़ी है। इस पर करीब 3,352 करोड़ रुपये खर्च होंगे। भद्रक-हरिदासपुर चैथी लाइन के लिए 1,583 करोड़ रुपये, गुम्मिडीपुंडी-गुडूर तीसरी और चैथी लाइन के लिए 2,229 करोड़ रुपये तथा कटक-पारादीप तीसरी एवं चैथी लाइन के लिए 2,286 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

माल ढुलाई को मिलेगी नई रफ्तार

सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं से रेलवे की क्षमता बढ़ेगी और भविष्य में बढ़ने वाली यात्री तथा माल ढुलाई की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। अतिरिक्त रेल पटरियां बनने से भीड़भाड़ कम होगी, ट्रेनों की समयबद्धता बेहतर होगी और औद्योगिक क्षेत्रों को तेज परिवहन सुविधा मिलेगी।

इन रेल मार्गों पर कोयला, लौह अयस्क, सीमेंट, इस्पात, वाहन, खाद्यान्न और अन्य महत्वपूर्ण सामान की बड़ी मात्रा में आवाजाही होती है। क्षमता बढ़ने से सालाना करीब 7.6 करोड़ टन अतिरिक्त माल ढुलाई होने का अनुमान है।

पर्यावरण को भी मिलेगा बड़ा फायदा

परियोजनाओं को प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत विकसित किया जाएगा। इससे विभिन्न परिवहन साधनों के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलेगी। सरकार के मुताबिक, इन परियोजनाओं से करीब 13 करोड़ लीटर तेल के आयात में कमी आएगी और लगभग 65 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम होगा।

रेल संपर्क बेहतर होने से कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी आसान होगी। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से परिवहन व्यवस्था मजबूत होने के साथ रोजगार, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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