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एआई में गड़बड़ी हुई तो जिम्मेदारी आपकी, : सेबी चीफ ने संस्थाओं को चेताया, तुहिन कांत बोले- तकनीक अपनाइए, लेकिन जवाबदेही से कोई समझौता नहीं

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 19, 2026
08:34 AM
सेबी चीफ ने संस्थाओं को चेताया, तुहिन कांत बोले- तकनीक अपनाइए, लेकिन जवाबदेही से कोई समझौता नहीं

नई दिल्ली। वित्तीय बाजार में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उन्नत तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ने विनियमित संस्थाओं को साफ संदेश दिया है। सेबी अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने कहा कि एआई या मशीन लर्निंग उपकरणों के इस्तेमाल में किसी भी तरह की चूक होने पर संबंधित संस्था ही पूरी तरह जिम्मेदार होगी। उपकरण संस्था ने खुद बनाया हो या किसी बाहरी कंपनी से लिया हो, जवाबदेही से बचने का रास्ता नहीं होगा।

तकनीक अपनाएं, लेकिन जिम्मेदारी भी लें

मुंबई में फिक्की कैपाम 2026 के 23वें संस्करण को संबोधित करते हुए पांडे ने कहा कि वित्तीय बाजारों में तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में निवेशकों के हितों की रक्षा और बाजार की विश्वसनीयता बनाए रखना सबसे जरूरी है। सेबी ऐसी व्यवस्था तैयार कर रहा है, जिसमें तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिले, लेकिन पारदर्शिता और जवाबदेही कमजोर न पड़े।

आईटी मजबूती की होगी परख

सेबी अध्यक्ष ने बताया कि बाजार अवसंरचना संस्थानों की तकनीकी क्षमता और जोखिम से निपटने की ताकत को मापने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी सुदृढ़ता सूचकांक विकसित करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण प्रणालियों की मजबूती का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन करना है।

पूंजी बाजार बन रहे विकास के इंजन

पांडे ने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति के अगले चरण में तकनीक की भूमिका और महत्वपूर्ण होगी। इससे निवेश के नए अवसर, वित्तपोषण के नए रास्ते और अधिक आधुनिक नियामकीय व्यवस्था तैयार करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि भारतीय पूंजी बाजार अब केवल आर्थिक गतिविधियों का आईना नहीं रहे, बल्कि आर्थिक वृद्धि के महत्वपूर्ण चालक बन चुके हैं। म्यूचुअल फंड और व्यवस्थित निवेश योजनाओं ने बड़ी संख्या में परिवारों को बाजार आधारित निवेश से जोड़ा है।

बाजार गहरा भी हो और भरोसेमंद भी

सेबी अध्यक्ष ने कहा कि तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ निवेश के अवसर भी बढ़ेंगे। ऐसे में पूंजी बाजार को अधिक व्यापक, गहरा और नवोन्मेषी बनाने की जरूरत है। साथ ही उसकी निष्पक्षता, सुरक्षा और विश्वसनीयता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। सेबी की रणनीति इसी संतुलन को बनाए रखते हुए भविष्य के बाजार के लिए नियम तैयार करने पर केंद्रित है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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