छिंदवाड़ा हादसे के एक साल बाद सरकार सख्त कदम : अब बिना डाॅक्टर की पर्ची नहीं मिलेगी बच्चों की कप सिरप, नोटिफिकेशन जारी

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के पांढुर्णा में जहरीली कप सिरप पीने से 24 बच्चों की मौत हुई थी। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया था। जांच में सिरप में 48.6 फीसदी तक डायथिलीन ग्लाइकॉल (डीईजी) नामक जहरीला पदार्थ पाया गया था, जिससे बच्चों की किडनी फेल हो गई थी। जिसके बाद दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया था। हालांकि इस घटना के करीब एक साल बाद अब केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला लिया है।
स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) ने बच्चों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले कफ सिरप के तर्कसंगत उपयोग को लेकर पहले ही चेतावनी जारी की थी। मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन जारी किया, जिसके तहत कफ सिरप और अन्य सिरप आधारित दवाएं अब बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिल सकेंगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन दवाओं को खरीदने के लिए अब मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन अनिवार्य होगा। यह कदम ड्रग्स रूल्स, 1945 में किए गए संशोधनकृ“ड्रग्स (पांचवां संशोधन) रूल्स, 2026”कृके तहत लागू किया गया है, जिसे 9 जून को गजट में अधिसूचित किया गया था।
‘शेड्यूल-के’ से हटाई गईं सिरप दवाएं
नए नियम के अनुसार, ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन कर ‘शेड्यूल-के’ की सूची से सिरप आधारित दवाओं को हटा दिया गया है। ‘शेड्यूल-के’ में वे दवाएं शामिल होती हैं जिन्हें निर्माण और बिक्री में कुछ नियामकीय छूट प्राप्त होती है। इस बदलाव के बाद अब कफ सिरप समेत अन्य लिक्विड ओरल दवाओं की ओवर-द-काउंटर बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित हो गई है।
सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने के लिए लिया गया फैसला
नोटिफिकेशन में कहा गया है कि यह निर्णय दवाओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं और रेगुलेटरी निगरानी को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि “ड्रग्स (पांचवां संशोधन) नियम, 2026” लागू होते ही यह व्यवस्था तुरंत प्रभाव में आ जाएगी। यह निर्णय ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (डीटीएबी) से विचार-विमर्श के बाद लिया गया है, ताकि बच्चों और आम लोगों की सेहत को किसी भी तरह के जोखिम से बचाया जा सके।
स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में अहम कदम
सरकार का यह कदम भविष्य में दवाओं के अनियंत्रित उपयोग पर रोक लगाने और स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
