दूसरी पीएम रिपोर्ट भी बोली चोटें मौत का कारण नहीं : ट्विशा शर्मा केस में चौंकानेवाला खुलासा, सीबीआई आज कोर्ट में करेगी पेश, सास-पति की हिरासत भी खत्म

भोपाल। राजधानी भोपाल के हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में गिरफ्तार सास और गिरिबाला सिंह तथा पति समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत आज समाप्त हो रही है। इसी के चलते केंद्रीय जांच ब्यूरो आज दोनों को भोपाल की विशेष अदालत में पेश करेगी। सुरक्षा कारणों को देखते हुए दोनों को वर्चुअल माध्यम से भी पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
दिल्ली एम्स की दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट कोर्ट में होगी पेश
इस मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब जबलपुर उच्च न्यायालय के आदेश पर दिल्ली एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों से दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तैयार कराई गई। यह रिपोर्ट सीबीआई को लगभग एक सप्ताह पहले मिल चुकी है और आज इसे स्टेटस रिपोर्ट के साथ कोर्ट में सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, भोपाल एम्स की प्रारंभिक रिपोर्ट में ट्विशा के शरीर पर सिर में क्लॉटिंग, हाथों में चोट और संघर्ष के निशान पाए गए थे। वहीं दिल्ली एम्स की रिपोर्ट में भी शरीर पर कई चोटें, खरोंच और संघर्ष के संकेत दर्ज हैं, लेकिन रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं कहा गया है कि इन चोटों से मौत हुई या यह हत्या का मामला है। जांच एजेंसियों के अनुसार, फिलहाल किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है और रिपोर्ट गोपनीय रखी गई है।
साक्ष्यों की हैंडलिंग पर पुलिस पर गंभीर सवाल
ट्विशा के परिजनों के अधिवक्ता अंकुर पाण्डेय ने कटारा हिल्स पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मौत के बाद जब मोबाइल, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए, तो उनकी सीलिंग प्रक्रिया में अनियमितता बरती गई।
अधिवक्ता का आरोप है कि जब्ती दस्तावेज में समय तो दर्ज है, लेकिन सीलिंग का स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं है। इससे साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका जताई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी प्रक्रिया जैसे नेटवर्क से अलग करना और डेटा सुरक्षा के मानक ठीक से अपनाए नहीं गए।
12 मई की रात हुई थी संदिग्ध मौत
नोएडा निवासी मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की 12 मई की रात भोपाल स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और वित्तीय दबाव जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
वहीं ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया था। मामले ने तूल पकड़ने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने जांच सीबीआई को सौंप दी थी। फिलहाल जांच जारी है और कोर्ट में पेश होने वाली रिपोर्ट को मामले में अहम माना जा रहा है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
