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इंदौर में कार्डियक इमेजिंग कॉन्फ्रेंस ने रचा इतिहास : दिल की इमेजिंग पर मंथन करने जुटे देशभर के दिग्गज डाॅक्टर, व्यावहारिक ज्ञान पर रहा जोर

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 16, 2026
08:03 AM
दिल की इमेजिंग पर मंथन करने जुटे देशभर के दिग्गज डाॅक्टर, व्यावहारिक ज्ञान पर रहा जोर

इंदौर। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में इंदौर ने आज एक नया इतिहास रचा। दअरसल हृदय रोगों की समय रहते पहचान और बेहतर उपचार तकनीकों को लेकर इंदौर में बीते दिन पहली राष्ट्रीय कार्डियक इमेजिंग कॉन्फ्रेंस-2026 आयोजित हुई । ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कान्फ्रेंस में देशभर के विशेष डाक्टरों ने अपने अनुभव साझा किए। करीब 200 से अधिक प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट और चिकित्सकों ने कार्डियक सीटी एवं कार्डियक एमआरआई की नवीनतम तकनीकों पर मंथन किया।

कॉन्फ्रेंस का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. पुष्पराज भटेले, पास्ट नेशनल प्रेसिडेंट, रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन द्वारा विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में किया गया। वहीं कार्यक्रम का संचालन चित्रा खिरवाड़कर और आभार प्रदर्शन डॉ. गौरव भंडारी ने व्यक्त किया।

कॉन्फ्रेंस की मुख्य विशेषताएं

व्यापक वैज्ञानिक कार्यक्रम

एक दिवसीय इस कॉन्फ्रेंस में 7 शैक्षणिक सत्रों का आयोजन किया गया। इसमें सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी की मूलभूत तकनीक से लेकर डीसीएम, मायोकार्डिटिस और कार्डियक मास जैसी जटिल बीमारियों के लिए उन्नत सीएमआर प्रोटोकॉल तक के विषय शामिल थे।

प्रख्यात विशेषज्ञों का मार्गदर्शन

सत्रों का संचालन राष्ट्रीय स्तर के ख्यात विशेषज्ञों डॉ. ओंकार ऑटी, डॉ. पुदियावन ए, डॉ. सुमन सिंघल, और डॉ. निलय निंबालकर द्वारा किया गया। अध्यक्षता मध्य प्रदेश व देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के वरिष्ठ डॉक्टरों ने की।

व्यावहारिक ज्ञान पर जोर

कार्यक्रम में कार्डियक इमेजिंग के लिए कब रेफर करें, सीटीसीए-सीएडी आरएडीएस 2.0 की रिपोर्टिंग और सीएमआर डिजीज स्पेसिफिक प्रोटोकॉल जैसे व्यावहारिक विषयों पर विशेष सत्र रखे गए, जिसका उद्देश्य चिकित्सकों की नैदानिक सटीकता को बढ़ाना था।

आयोजन समिति का वक्तव्य

इस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य तकनीक और क्लिनिकल प्रैक्टिस के बीच की दूरी को कम करना है। कार्डियक सीटी और एमआरआई ने हृदय रोगों के निदान के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। इस मंच के माध्यम से हम टियर-2 शहरों के डॉक्टरों को नवीनतम ज्ञान से सशक्त बनाना चाहते हैं, ताकि मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही विश्वस्तरीय इलाज मिल सके, आयोजन समिति के प्रवक्ता ने कहा।

कॉन्फ्रेंस का समापन कार्डियोलॉजिस्ट के साथ पैनल चर्चा और प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसका संचालन डॉ. अभिजीत ताओरी, डॉ. निलय निंबालकर, डॉ. सुनील दुबे और डॉ. दीपेश कोठारी ने किया। इस पहल से क्षेत्र में कार्डियक इमेजिंग के मानकों और मरीजों के इलाज के परिणामों में महत्वपूर्ण सुधार होने की उम्मीद है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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