CM हेल्पलाइन नंबर 1076 : CG में अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी ,9 जून से शुरू होगी सेवा

छत्तीसगढ़ में अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी अगर आपकी शिकायत समय पर नहीं सुनी गई या किसी योजना का लाभ मिलने में दिक्कत आ रही है, तो सिर्फ एक कॉल आपकी समस्या को सीधे सरकार तक पहुंचाएगी। जिसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप आम लोगों की शिकायतों और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में जल्द ही 1076 सीएम हेल्पलाइन शुरू की जा रही है.जहां रायपुर में सीएम हेल्पलाइन (1076) के विभागीय नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में शासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए। ये सेवा 9 जून से पूरे प्रदेश में शुरु हो रही है अब प्रदेशभर में विभागीय नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.भाटापारा में अधिकारियों को खास ट्रेनिंग दी गई है…ताकि हर शिकायत का तय समय में समाधान हो सके। इसके लिए आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन 1076 और शिकायत प्रबंधन प्रणाली के संचालन की जानकारी दी। अधिकारियों को बताया गया कि यह व्यवस्था नागरिकों की शिकायतों, सुझावों और समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान के लिए तैयार की गई है। सीएम हेल्पलाइन गुड गवर्नेंस की दिशा में राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।प्रशिक्षण में बताया गया कि पूरी प्रणाली पांच प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। इनमें शिकायत ट्रैकिंग, समयबद्ध निवारण, नागरिक फीडबैक, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कुशल निगरानी शामिल है।
शिकायत ट्रैकिंग की आधुनिक व्यवस्था
-समयबद्ध निवारण पर विशेष फोकस
-नागरिक फीडबैक की होगी निगरानी
-पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित
-कुशल मॉनिटरिंग सिस्टम लागू
-हर शिकायत को मिलेगा 12 अंकों का यूनिक टोकन नंबर
-टोकन नंबर से शिकायत की स्थिति होगी ट्रैक
-हर स्तर पर शिकायत की प्रगति देख सकेंगे नागरिक
हर शिकायत को 12 अंकों का एक यूनिक टोकन नंबर मिलेगा, जिससे शिकायतकर्ता अपनी शिकायत की स्थिति हर स्तर पर ट्रैक कर सकेगा। नागरिकों की सुविधा के लिए शिकायत दर्ज कराने के कई माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं।
शिकायत दर्ज करने के माध्यम
-1076 हेल्पलाइन नंबर
-वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप, व्हाट्सएप
मुख्यमंत्री को सीधे आवेदन
प्रशिक्षकों ने अधिकारियों को पोर्टल लॉगिन, प्रोफाइल अपडेट, डैशबोर्ड संचालन, लंबित शिकायतों की समीक्षा और एटीआर अपलोड करने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी। साथ ही शिकायतों की श्रेणीवार मैपिंग और एल-1 से एल-4 स्तर तक जिम्मेदारी तय करने की व्यवस्था समझाई गई। यदि निर्धारित समय सीमा में शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो मामला स्वतः अगले उच्च अधिकारी के पास पहुंच जाएगा।भाटापारा में हुई बैठक में कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने अधिकारियों को ब्रीफिंग दी. नौ जून से चालू होने वाले हेल्पलाइन को लेकर सरकार का दावा है कि सीएम हेल्पलाइन 1076 के जरिए शिकायतों का न केवल त्वरित समाधान होगा, बल्कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और जवाबदेह भी बनेगी। अब देखना होगा कि 1076 सीएम हेल्पलाइन लोगों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरती है, लेकिन इतना तय है कि सरकार शिकायत निवारण व्यवस्था को अधिक प्रभावी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा चुकी है।
नीलम अहिरवार
17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।
