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धमतरी में ड्रोन क्रांति : देश में पहली बार सहकारी समितियों से ड्रोन खेती की शुरुआत ,300 रुपये में हाईटेक खेती

नीलम अहिरवार

नीलम अहिरवार

Jun 03, 2026
08:11 AM
देश में पहली बार सहकारी समितियों से ड्रोन खेती की शुरुआत ,300 रुपये में हाईटेक खेती

धमतरी: छत्तीसगढ़ का धमतरी देश का पहला ऐसा जिला बन गया है, जहां सहकारी कृषि साख समितियों के माध्यम से हाईटेक ड्रोन कल्टीवेशन की शुरुआत की गई है। इस नई पहल के तहत किसान अब ड्रोन की मदद से अपनी फसलों पर खाद और कीटनाशकों का छिड़काव कर सकेंगे। इससे खेती में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा और किसानों को कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी। फिलहाल जिले की 10 सहकारी समितियों को ड्रोन और प्रशिक्षित ड्रोन पायलट उपलब्ध कराए गए हैं। आने वाले समय में इस संख्या को और बढ़ाने की योजना है ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को इसका लाभ मिल सके। खास बात यह है कि किसानों को यह सुविधा महज 300 रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है। ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल से किसानों का समय और श्रम दोनों बचेंगे। एक ड्रोन एक दिन में करीब 40 एकड़ क्षेत्र में छिड़काव करने की क्षमता रखता है। ऐसे में जहां पहले कई मजदूरों और घंटों का समय लगता था, वही काम अब कुछ ही समय में पूरा हो सकेगा। इससे मजदूरों की कमी की समस्या से भी राहत मिलेगी। धमतरी कलेक्टर की पहल पर शुरू हुई यह योजना खेती-किसानी को आधुनिक और लाभकारी बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। कलेक्टर ने बताया कि इस तकनीक के लिए ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.प्रशासन का लक्ष्य है कि किसान नई तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाएं और लागत कम करें.

ड्रोन संचालन के नियमों का निर्धारण

-ड्रोन कितनी ऊंचाई पर और अलग-अलग फसलों के लिए किस गति पर उड़ाना चाहिए।

-स्प्रे को कैसे मिक्स करना और किन-किन जरूरी मानदंडों का ध्यान रखना है

-ये सब प्रशिक्षण में शामिल होता है  

-बहुत अधिक स्पीड होने पर ड्राप पौधों तक सही से नहीं पहुंचता 

-कम स्पीड पर इसकी अधिक मात्रा हो सकती है 

-ड्रोन की ऊंचाई का भी ध्यान रखना होता है 

-नीचे उड़ाने पर फूल और पत्ते के टूटने का डर रहता है 

-अलग-अलग फसलों के लिए विभिन्न संस्थानों में प्रोटोकाल विकसित किए जा रहे हैं। 

-ड्रोन से 10 मिनट में एक एकड़ एरिया को कवर किया जा सकता है 

- कहीं-कहीं बीज की ब्राडकास्टिंग कर बुआई की जा रही है। 

- खेती के साथ-साथ किसी भी परियोजना की निगरानी ड्रोन से संभव है 

- भारत में यह काम अभी शुरुआती चरण में है। 

कुल मिलाकर ड्रोन की उड़ान के साथ धमतरी की खेती भी अब नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है। यह पहल न सिर्फ किसानों का काम आसान बनाएगी, बल्कि खेती को स्मार्ट और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में भी नई राह खोलेगी।

नीलम अहिरवार
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नीलम अहिरवार

17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।

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