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मंगला एक्सप्रेस में 30 बच्चों की तबीयत बिगड़ी : पैंट्री का खाना बना जान का दुश्मन, उल्टी-दस्त और बुखार से पांच की हालत गंभीर

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 29, 2026
06:31 AM
पैंट्री का खाना बना जान का दुश्मन, उल्टी-दस्त और बुखार से पांच की हालत गंभीर

खंडवा। चलती मंगला एक्सप्रेस में शुक्रवार रात अचानक बच्चों की बिगड़ी तबीयत ने यात्रियों और रेलवे अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी। दिल्ली से शैक्षणिक भ्रमण कर केरल लौट रहे 30 स्कूली छात्र-छात्राएं सफर के दौरान उल्टी, दस्त और बुखार की चपेट में आ गए। कुछ ही देर में पांच बच्चों की हालत ज्यादा खराब हो गई। मामला गंभीर होते ही रेलवे को सूचना दी गई और खंडवा स्टेशन पर ट्रेन को रोककर तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर सभी बच्चों की जांच की और आवश्यक दवाएं दीं। प्रारंभिक जांच में भोजन से संक्रमण की आशंका जताई गई।

शैक्षणिक भ्रमण से लौट रहे थे बच्चे

जानकारी के मुताबिक, हजरत निजामुद्दीन से एर्नाकुलम जा रही ट्रेन संख्या 12618 मंगला एक्सप्रेस में केरल के त्रिचूर स्थित हैप्पी कॉन्वेंट स्कूल के करीब 30 छात्र-छात्राएं सवार थे। सभी बच्चे दिल्ली में शैक्षणिक भ्रमण के बाद अपने घर लौट रहे थे। यात्रा के दौरान अचानक बच्चों को उल्टी, दस्त और बुखार की शिकायत होने लगी।

देखते ही देखते कई बच्चों की हालत बिगड़ने लगी और करीब पांच बच्चों की स्थिति अपेक्षाकृत गंभीर हो गई। मामले की सूचना रेलवे प्रशासन को दी गई, जिसके बाद खंडवा स्टेशन पर ट्रेन को रोककर चिकित्सा व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया।

खंडवा स्टेशन पर दौड़ी स्वास्थ्य विभाग की टीम

रात में ट्रेन के खंडवा पहुंचते ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम स्टेशन पर पहुंच गई। चिकित्सकों ने ट्रेन में पहुंचकर सभी बच्चों की जांच की। करीब 50 मिनट तक ट्रेन को खंडवा स्टेशन पर रोका गया। इस दौरान बच्चों को आवश्यक दवाएं दी गईं और उनकी स्थिति पर नजर रखी गई।

खंडवा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी जुगतावत ने बताया कि बच्चों ने दोपहर में ट्रेन की पैंट्री कार से भोजन किया था। भोजन करने के लगभग चार घंटे बाद बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी परेशानी शुरू हुई। शुरुआती जांच के आधार पर भोजन से फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई है।

दवाएं और ओआरएस देकर किया गया उपचार

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी बच्चों को उल्टी-दस्त की दवाएं और ओआरएस के पैकेट दिए। बच्चों की दो बार चिकित्सकीय जांच की गई। जांच के बाद उनकी हालत स्थिर पाए जाने पर ट्रेन को आगे रवाना कर दिया गया।

भुसावल तक बच्चों के साथ गई चिकित्सकीय टीम

बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए एहतियात के तौर पर रेलवे के डॉक्टरों की एक टीम उनके साथ ट्रेन में सवार हुई। यह टीम भुसावल स्टेशन तक बच्चों की निगरानी करेगी। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम ऋषि सिंघाई, सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह, सीएसपी अभिनव बारंगे, सिविल सर्जन अनिरुद्ध कौशल समेत प्रशासनिक अधिकारी स्टेशन पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में बच्चों की जांच और उपचार पूरा कराया गया, जिसके बाद मंगला एक्सप्रेस को आगे की यात्रा के लिए रवाना किया गया।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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