संत रविदास की जयंती पर सीएम यादव का ऐलान : रविदास से जुड़े तीर्थों का होगा कायाकल्प, उज्जैन में बनेगा भव्य गुरुद्वारा

भोपाल। संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर मध्यप्रदेश में सामाजिक समरसता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए समरसता संकल्प अभियान और कलश वंदन यात्रा का शुभारंभ हुआ। रवींद्र भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संत रविदास महाराज के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और काशी से लाई गई पवित्र कलशों का पूजन कर संभागीय प्रतिनिधियों को सौंपा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समरसता संकल्प अभियान के माध्यम से सर्वसमाज को एकता के सूत्र में बांधने का लक्ष्य रखा है। जातिवाद जैसी चुनौतियों के बीच समाज में पवित्र भाव और आपसी भाईचारे को मजबूत करने की आवश्यकता है। संत रविदास ने भी अपने विचारों और भक्ति के माध्यम से सामाजिक भेदभाव मिटाने तथा समाज को जोड़ने का संदेश दिया था।
सागर में 100 करोड़ से बन रहा भव्य स्मारक
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि सागर में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से संत रविदास महाराज का भव्य मंदिर और स्मारक तैयार हो रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इसके लोकार्पण के लिए आमंत्रित किया जाएगा। संत रविदास की 650वीं जयंती वर्ष में उज्जैन में उनकी वस्तुओं और शिष्य के समाधि स्थल को संरक्षित करते हुए भव्य गुरुद्वारे के निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिन स्थानों पर संत रविदास के चरण पड़े हैं, उन सभी तीर्थ स्थलों के विकास और उन्नयन की दिशा में भी काम किया जाएगा।
समरसता अभियान में हर स्तर पर सहयोग का भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समरसता संकल्प अभियान की कार्ययोजना में हरसंभव सहयोग देगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से संत रविदास के विचारों को जीवन में अपनाने और उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास ने कर्म और भक्ति के साथ समाज को एकजुट करने का संदेश दिया। उनके विचार आज भी सामाजिक एकता और मानव कल्याण के लिए प्रासंगिक हैं।
उन्होंने संत रविदास के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भेदभाव से ऊपर उठकर सभी को समान दृष्टि से देखने की प्रेरणा दी। संत परंपरा ने भी सामाजिक समरसता की इस भावना को आगे बढ़ाया और समाज में एकता का संदेश मजबूत किया।
गांव-गांव पहुंचेगी कलश वंदन यात्रा
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने बताया कि संत रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर शुरू की गई कलश वंदन यात्रा को प्रदेश के गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। प्रत्येक गांव और कस्बे में कलशों की शोभायात्रा निकाली जाएगी। अभियान के दौरान संतों से संपर्क के साथ समाज के विभिन्न वर्गों तक संत रविदास के विचार पहुंचाए जाएंगे।
पूर्व मंत्री एवं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष लालसिंह आर्य ने कहा कि संत रविदास ने सामाजिक समरसता और मानव कल्याण का मार्ग दिखाया। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतिम चरण में छात्रावास संपर्क कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को संत रविदास के जीवन और दर्शन से परिचित कराया जाएगा।
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