गरबा में एंट्री पर सियासी संग्राम : रामेश्वर-सारंग के बाद अब उषा ठाकुर का आया बड़ा बयान, बोलीं गरबा केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं

इंदौर। शारदीय नवरात्रि से पहले मध्यप्रदेश में गरबा आयोजनों में मुस्लिमों के एंट्री के मुद्दे पर सियासी तेज हो गई है। भोपाल से भाजपा विधायक रामेश्वर ने कहा है कि मुस्लिम अपनी बहन-मां को लेकर भी गरबा में आए। वहीं विश्वास सारंग ने कहा कि गरबा को सिर्फ एंटरटेंटमेंट ना समझें। उन्होंने मुस्लिमों की एंट्री पर कहा कि यदि कोई व्यक्ति हिंदू धर्म स्वीकार करता है तो गरबा में आ सकता हैं। इन सबके बीच पूर्व मंत्री और भाजपा नेत्री उषा ठाकुर ने गरबा आयोजनों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग कर डाली है। भाजपा नेताओं के बयान पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग अच्छे धार्मिक माहौल को बिगाड़कर केवल नफरत की बात करते हैं।
‘गरबा धार्मिक आस्था और साधना से जुड़ा पर्व’
उषा ठाकुर ने कहा कि गरबा केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था, शक्ति की साधना और मातृशक्ति के व्यक्तित्व विकास से जुड़ा पर्व है। उनका आरोप है कि कुछ लोग अपनी पहचान छिपाकर या नाम बदलकर गरबा पंडालों में प्रवेश करते हैं और युवतियों को भ्रमित करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने ऐसे लोगों की एंट्री पर रोक लगाने की मांग की। पूर्व मंत्री ने दावा किया कि हर साल गरबा आयोजनों के दौरान करीब 4.5 लाख लड़कियां ‘विधर्मियों’ के साथ चली जाती हैं और इससे जनसांख्यिकी में बदलाव हो रहा है।
गरबा के व्यावसायीकरण पर भी निशाना
उषा ठाकुर ने गरबा आयोजनों के बदलते स्वरूप पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पारंपरिक गरबा शक्ति की उपासना, शस्त्र और शास्त्र के ज्ञान से जुड़ा था, लेकिन आज कई व्यावसायिक आयोजनों में धार्मिक साधना पीछे छूटती जा रही है। उनके मुताबिक महंगे कपड़े, गहने और टैटू प्रदर्शन का हिस्सा बनते जा रहे हैं।
रामेश्वर शर्मा बोले- अकेले क्यों, बहन-बेटियों को भी लेकर आओ
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने गरबा में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर कहा कि अगर मुस्लिम गरबा में आना चाहते हैं तो आएं, लेकिन अकेले गरबा में ही क्यों आना चाहते हैं? उन्होंने कहा कि यहां तिलक लगाकर और जय श्रीराम बोलकर “परमानेंट” भी आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी को कोई परेशानी नहीं है। साथ ही शर्मा ने कहा कि गोमाता की रक्षा भी करें। इसी दौरान उन्होंने कहा कि गरबा में अकेले लड़के ही क्यों आना चाहते हैं? घर से अपनी बहन-बेटियों को भी लेकर आएं। उन्होंने कहा, “हमारे भी छोरे तैयार हैं।”
विश्वास सारंग बोले- गरबा धार्मिक आयोजन
गरबा में मुस्लिमों की भागीदारी को लेकर मंत्री विश्वास सारंग की भी प्रतिक्रिया सामने आई। उन्होंने गरबा को धार्मिक आयोजन बताते हुए इसमें शामिल होने के लिए धार्मिक आस्था का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि यह मां दुर्गा की स्तुति और आशीर्वाद लेने का आयोजन हैं। उन्होंने कहा कि इसे सिर्फ एंटरटेंटमेंट ना समझें। उन्होंने मुस्लिमों की एंट्री पर कहा कि यदि कोई व्यक्ति हिंदू धर्म स्वीकार करता है तो गरबा में आ सकता हैं।
आरिफ मसूद ने किया पलटवार
भाजपा नेताओं के बयान पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने तीखी प्रतिक्रिया की। उन्होंने रामेश्वर शर्मा को लेकर कहा कि वह “बदतमीज हैं और कुछ नहीं हैं। मसूद ने कहा कि ऐसे लोगों को सुधरना चाहिए और समय सुधरने का है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो खुद गधा और घोड़ा होगा, उसे दूसरे गधे-घोड़े ही दिखाई देंगे, इसलिए ऐसी बातें की जा रही हैं।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
