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भोपाल सेंट्रल जेल में 'रश्क-ए-कमर' पर झूमे सैकड़ो कैदी : सांस्कृतिक कार्यक्रम में कैदियों ने लगाए ठुमके, जेल प्रशासन बोला- तनाव कम करने की पहल

पलक गीते

पलक गीते

Aug 07, 2026
05:55 AM
सांस्कृतिक कार्यक्रम में कैदियों ने लगाए ठुमके, जेल प्रशासन बोला- तनाव कम करने की पहल

भोपाल | मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित सेंट्रल जेल में बंदियों के मानसिक तनाव को कम करने और उनमें सकारात्मक ऊर्जा के संचार के लिए एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जेल के ही म्यूजिक बैंड ने लोकप्रिय गानों की ऐसी समा बांधने वाली प्रस्तुतियां दीं कि पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह से गूंज उठा। इस दौरान, मेरे 'रश्क-ए-कमर' गाने पर कैदियों ने जमकर डांस भी किया।

कैदियों ने 'मेरे रश्क ए कमर' गाने पर लगाए ठुमके

जेल के अंदर से आए कैदियों के डांस वीडियो में म्यूजिक बैंड का सिंगर गाना रहा है और उसके बोल व बैंड की थाप पर कैदी थिरकता नजर आ रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि कैदियों ने 'मेरे रश्क-ए-कमर' गाने पर खूब ठुमके लगाए। इस दौरान, बाकी कैदी भी अपनी जगह पर बैठे गाने की धुन पर झूमते दिखे।

गानों पर जेल के कैदियों ने की मस्ती

संगीत की इस जीवंत शाम में बंदियों का हुनर और उत्साह देखते ही बनता था। गीतों की मधुर धुनों ने हर किसी को झूमने पर मजबूर कर दिया। माहौल इतना खुशनुमा हो गया कि कई बंदी अपनी खुशियों का इजहार करते हुए थिरकने लगे। इस कार्यक्रम में जेल के तमाम कैदी शामिल हुए। अधिकारी भी कैदी के डांस पर ताली बजाते दिखे।

संगीत मानसिक तनाव से उबारने की असरदार थेरेपी

इस आयोजन ने साबित कर दिया कि संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि बंदियों में सुधार और उन्हें मानसिक तनाव से उबारने की एक असरदार थेरेपी भी है। नीरसता और उदासी को पीछे छोड़, कुछ पलों के लिए ही सही, पूरा सेंट्रल जेल परिसर एक नई उमंग और सकारात्मकता से सराबोर नजर आया।

बंदियों ने तालियों से बढ़ाया कलाकारों का हौंसला

भोपाल सेंट्रल जेल में हुए इस कार्यक्रम के दौरान जेल का माहौल सामान्य दिनों के मुकाबले बिल्कुल अलग दिखा। पूरे उत्साह के साथ कैदियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। जेल के कई बंदियों ने तालियों से म्यूजिक बैंड के कलाकारों का हौसला बढ़ाया। इस समारोह में मौजूद जेल अफसरों ने भी इस पहल की तारीफ की और इसे बंदियों के भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए सकारात्मक कदम बताया।

हाल में सामने आया था कैदी और जेल अधिकारी की शादी का मामला

इससे पहले मई महीने में छतरपुर से जेल अधिकारी और कैदी की शादी का अनूठा मामला सामने आया था। सतना की जेल की सहायक जेल अधीक्षिका फिरोजा खातून को हत्या की सजा काट चुके कैदी धर्मेंद्र सिंह से प्यार हो गया था और फिर दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज से लवकुशनगर में शादी कर ली थी।

पलक गीते
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पलक गीते

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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