मप्र में नहीं थम रहे वन कर्मचारियों पर हमले : मुरैना की घटना के बाद सुरक्षा को लेकर उठे सवाल, 4 महीनों में ही आये ऐसे 6 से अधिक मामले

भोपाल। मध्यप्रदेश में वन कर्मचारियों पर हमले की घटनाएं नहीं थम रही है। मुरैना के दीमनी में खनन माफिया द्वारा वन रक्षक ऋषिकेश गुर्जर की मौत के बाद मामला फिर गर्मा गया है। यह इसलिये भी कि मौजूदा साल के पहले 4 महीनों के दौरान ही वन कर्मचारियों पर जानलेवा हमले के 6 से अधिक मामले वन अमले की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिये हैं।
दरअसल जंगलों की सुरक्षा में तैनात वन अमले और वन माफियों के बीच संघर्ष अब हर दूसरे दिन की बात हो गई है। यह संख्या लगातार बढ़ रही है। बीते 4 माह में वन माफियाओं के हमलों की आधा दर्जन से अधिक सामने आई घटनाओं को देखते हुए मैदानी कर्मचारी भयभीत है। जंगलों की संपदा व सुरक्षा के लिये रेत-मुरम के उत्खनन, लकड़ी चोरी जैसी बढ़ रही अवैध गतिविधियों पर लगाम के लिये वनकर्मी डंडा लेकर जंगलों की निगरानी के लिये मजबूर होते है। जबकि जंगल की सुरक्षा के दायित्व निर्वहन में वन माफिया, अतिक्रमणकारी और शिकारियों से इनका सीधा मुकाबला होता है।
मप्र में कब-कब हुई घटनाएं
-19 मार्च 2026ः गुना अवैध कब्जे के विवाद में ग्रामीणों ने वन रक्षक मुकेश पटेलिया और वनपाल सरदार सिंह भिलाला पर डंडे बरसाकर प्राण घातक हमला किया गया।
-23 मार्च 2026ः खंडवा के खजुरी बीट में अतिक्रमणकारियों ने हमला किया।
-7 जनवरी 2026ः श्योपुर के मसावनी गांव में वनमाफिया के हमले से वनरक्षक हीरालाल सेन घायल हो गया।
-19 फरवरी 2026ः शहडोल के अमझोर रेंज में रेंजर तरूणेंद्र सिंहऔर दुर्गा अहिरवार प्राणाघातक हमले से घायल हुए।
-फरवरी 2026ः विदिशा के श्मसाबाद में सागौन तस्करों के हमले से वन रक्षक चंद्रभान विश्वकर्मा और रामरूचि शर्मा घायल
-दिसंबर 2025ः पन्ना रेंज में पेंड की कटाई को लेकर वन कर्मचारी दिनेश चक्रवर्ती घायल
एक नजर में वन
वन चैंकियां-329
वन मंडल-52
वन वृत्त-16
हथियार एवं गोला बारूद रखे जाने वाली वन चैकियां -120
12 बोर की बंदूकें -3170
रिवाल्वर-286
सुरक्षा को लेकर ठोस कार्यवाही की जरूरत
प्रदेश में माफियाओं के बढ़ते आतंक को लेकर मप्र वन कर्मचारी मंच ने कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर ठोस कार्रवाई की जरूरत बताई है। अध्यक्ष अशोक पांडेय ने बताया कि समुचित नीति के अभाव में वन माफिया के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। कर्मचारी वन मुख्यालय पर धरना देकर वन कर्मचारी की सुरक्षा करने की ठोस कार्रवाई करने की मांग करेंगे।
admin
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