सरपंच को पद से हटाने के आदेश के विरोध में ग्रामीण : एसडीएम कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष सुनवाई और आदेश पर पुनर्विचार की उठाई मांग

दंतेवाड़ा। ग्राम पंचायत बड़े लखापाल के सरपंच दिनेश मरकाम को पद से हटाने के प्रशासनिक आदेश के विरोध में मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण, सरपंच संघ के पदाधिकारी और विभिन्न ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि एसडीएम कार्यालय पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए कार्रवाई पर पुनर्विचार और निष्पक्ष सुनवाई की मांग की।
प्रशासन ने पद के दुरुपयोग का माना दोषी
जानकारी के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) दंतेवाड़ा ने छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 40(1) के तहत कार्रवाई करते हुए सरपंच दिनेश मरकाम को पद के दुरुपयोग और पदीय दायित्वों के विपरीत कार्य करने का दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। आदेश में 18 मार्च 2026 को कटेकल्याण साप्ताहिक बाजार में शांति व्यवस्था प्रभावित होने तथा 9 जुलाई 2026 को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय को बड़े लखापाल में पुनः संचालित करने की मांग को लेकर रैली और प्रदर्शन आयोजित करने का उल्लेख किया गया है।
ग्रामीणों ने कहा- हमारी बात पूरी तरह नहीं सुनी गई
आदेश के विरोध में पहुंचे सरपंच दिनेश मरकाम, ग्रामीणों और सरपंच संघ के प्रतिनिधियों ने प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मामले में उनकी बात पूरी तरह नहीं सुनी गई। उन्होंने निष्पक्ष सुनवाई की मांग करते हुए प्रशासन से निर्णय पर दोबारा विचार करने का आग्रह किया।
प्रशासन ने दिया नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन
एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के बाद प्रशासन ने प्रतिनिधिमंडल को नियमानुसार आगे की कार्रवाई का भरोसा दिलाया। वहीं, प्रशासनिक आदेश के मुताबिक बड़े लखापाल ग्राम पंचायत के प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों का दायित्व फिलहाल उपसरपंच को सौंप दिया गया है।
आलोक त्रिपाठी
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