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हिन्दुत्व को लेकर दिग्गी ने फिर उगला जहर : मंत्री सारंग ने किया पलटवार, बोले-समाज को तोड़ने निकले पूर्व सीएम

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Nov 05, 2026
10:10 AM
मंत्री सारंग ने किया पलटवार, बोले-समाज को तोड़ने निकले पूर्व सीएम

उज्जैन/भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने हिंदुत्व को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने राघौगढ़ में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने लोगों को हिंदुत्व से दूर रहने की सलाह दी है। इतना ही नहीं उन्होंने विवादित बयान देते हुए कहा कि हिंदुत्व की तरफ जाने वालों के दिल और दिमाग में नफरत होती है। इस दौरान उन्होंने सनातन धर्म और हिन्दु को अलग-अलग विचार बताते हुए कहा कि सनातन धर्म का वास्तविक संदेश पूरी दुनिया को एक परिवार मानने का है। सनातन धर्म का वास्तविक संदेश लोगों तक पहुंचाना बेहद जरूरी है। वहीं दिग्विजय सिंह के इस बयान पर कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने पलटवार किया है।

दिग्विजय सिंह ने हिन्दुत्व को लेकर यह बयान अपनी सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के दौरान राघौगढ़ में आयोजित सभा में कही। पदयात्रा के राघौगढ़ पहुंचने पर उनके बेटे जयवर्धन सिंह ने यात्रा का स्वागत किया। मंच पर उनका पूरा परिवार भी मौजूद रहा। सभा को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि सनातन धर्म का अर्थ हिंदुत्व नहीं है। सनातन धर्म को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और इसे नफरत से जोड़कर दिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म का मूल संदेश पूरे विश्व को एक परिवार मानना है। सनातन धर्म की मूल भावना प्रेम, सद्भाव और सबको साथ लेकर चलने की है। इसे सही तरीके से लोगों के सामने रखने की जरूरत है।

लोकतंत्र और ईवीएम का भी उठाया मुद्दा

दिग्विजय सिंह ने बताया कि 80 वर्ष की उम्र में 1000 किलोमीटर की पदयात्रा करने के पीछे उनके दो प्रमुख उद्देश्य हैं। पहला उद्देश्य देश में लोकतंत्र की जगह एकतंत्र को बढ़ावा दिए जाने के खिलाफ आवाज उठाना है। उन्होंने राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि वोट चोरी से लोकतंत्र मजबूत नहीं हो सकता। उन्होंने ईवीएम पर रोक लगाने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी की।

राम मंदिर के चंदे का मामला उठाया

दिग्विजय सिंह ने यात्रा का दूसरा उद्देश्य सनातन धर्म के नाम पर हिंदुत्व को बढ़ावा देने का विरोध बताया। उन्होंने 1992 में महंत लालदास द्वारा लालकृष्ण आडवाणी की रथयात्रा का विरोध किए जाने का जिक्र किया।

इसके साथ ही उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए 1400 करोड़ रुपये के चंदे का हिसाब मांगने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि जब महंत लालदास ने हिसाब मांगा था, तब 8.29 करोड़ रुपये का हिसाब बताया गया था। दिग्विजय सिंह ने कहा कि सनातन धर्म को उसके वास्तविक स्वरूप में समझना और समझाना जरूरी है।

हिन्दू विरोधियों के कठपुतली बने दिग्विजयः सारंग

वहीं दिग्विजय सिंह बयान पर कैबिनेट मंत्री मंत्री विश्वास सारंग पलटवार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह की यह यात्रा समाज को जोड़ने के बजाय तोड़ने का काम कर रही है। उन्होंने हिंदुत्व और हिंदुओं को लेकर दिए गए दिग्विजय सिंह के कथित बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि हिंदू घृणा और विघटन पैदा करते हैं, ऐसी बातें करना गलत है। मंत्री ने जाकिर नायक का जिक्र करते हुए दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा और सवाल उठाया कि क्या उनकी यात्रा ऐसे लोगों द्वारा प्रायोजित है। सारंग ने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह हिंदू विरोधी विचार रखने वालों की कठपुतली बनकर काम कर रहे हैं। हालांकि, ये सभी आरोप मंत्री विश्वास सारंग ने अपने बयान में लगाए हैं।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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