महिला आत्मनिर्भरता की अनूठी मिसाल भटीगवां खुर्द : किसान दीदियों के हुनर से बदल रही तस्वीर, कोई उड़ा रही ड्रोन तो कोई चला रही ई-रिक्शा

भोपाल। गांव की महिलाएं अब सिर्फ घर और खेतों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आधुनिक तकनीक के सहारे आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। मध्यप्रदेश के शहडोल जिले की मप्र-छग सीमा से लगे भटीगवां खुर्द पंचायत में कुछ ऐसा ही बदलाव देखने को मिल रहा है। यहां कोई महिला ड्रोन उड़ाकर खेतों में खाद और कीटनाशक का छिड़काव कर रही है तो कोई ई-रिक्शा चलाकर कमाई कर रही है। वहीं, आधुनिक कृषि मशीनों का संचालन कर महिलाएं दूसरे किसानों की भी मदद कर रही हैं।
शकुंतला ने ड्रोन उड़ाकर बदली अपनी पहचान
गांव की किसान दीदी शकुंतला ने इंदौर से ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण लिया है। अब वह ड्रोन के जरिए खेतों में खाद और कीटनाशकों का छिड़काव करती हैं। इससे किसानों का समय और मेहनत बच रही है। साथ ही शकुंतला के लिए आमदनी का नया रास्ता भी खुला है। कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने गांव पहुंचकर उनकी इस पहल को देखा और सराहना की।
गौरी का ई-रिक्शा बना कमाई का जरिया
गौरी सिंह ने ई-ऑटो रिक्शा चलाकर रोजगार की नई मिसाल पेश की है। वह ग्रामीणों को बाजार और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचाती हैं। इस काम से उन्हें प्रतिदिन करीब 500 रुपये की आमदनी हो रही है। वहीं, चंद्रवती सिंह रीपर मशीन से धान और गेहूं की कटाई कर रही हैं। पंचायत में उपलब्ध दो रीपर मशीनों का लाभ आसपास के गांवों के किसान भी उठा रहे हैं।
200 घरों में सोलर लाइट, स्कूलों को मिली डिजिटल सुविधा
गांव में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 200 परिवारों को सोलर लाइट उपलब्ध कराई गई हैं। डिजिटल सेवाओं के विस्तार के लिए कंप्यूटर और दो प्रिंटर की व्यवस्था की गई है। भटीगवां कला माध्यमिक विद्यालय में चार सीसीटीवी कैमरे और भटीगवां खुर्द के प्राथमिक विद्यालय में स्मार्ट बोर्ड लगाया गया है।
70 प्रतिशत परिवारों
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
