मप्र से उच्च सदन पहुंचे हरदीप सिंह पुरी : विपक्ष की तकनीकी कमजोरी से रास्ता हुआ साफ, मिला जीत का प्रमाण पत्र

भोपाल। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य के रूप में निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए हैं। गुरुवार को उपचुनाव के लिए नाम वापसी की समय-सीमा समाप्त होने के तुरंत बाद निर्वाचन अधिकारी द्वारा उनकी जीत की औपचारिक घोषणा की गई और उन्हें निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंप दिया गया। मध्य प्रदेश के कोटे से केंद्रीय मंत्री की इस निर्विरोध जीत के साथ ही भारतीय जनता पार्टी ने संसद के उच्च सदन में अपनी स्थिति को और मजबूत कर लिया है।
तकनीकी खामियों से साफ हुआ रास्ता
इस उपचुनाव में हरदीप सिंह पुरी के अलावा दो निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी पर्चा दाखिल किया था। इसमें कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहानी और एक अन्य उम्मीदवार कांते सायन्ना शामिल थे। हालांकि, नामांकन पत्रों की जांच के दौरान तकनीकी कमियों और त्रुटियों के चलते दोनों निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन निरस्त कर दिए गए थे। मैदान में केवल हरदीप सिंह पुरी के ही इकलौते उम्मीदवार बचने के कारण आज नाम वापसी का समय बीतते ही उनकी निर्विरोध जीत का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया।
उत्तर प्रदेश की जगह अब मध्य प्रदेश से प्रतिनिधित्व
हरदीप सिंह पुरी वर्तमान में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद थे, जहां उनका कार्यकाल आगामी 25 नवंबर 2026 को समाप्त होने जा रहा था। भाजपा आलाकमान ने इस बार उन्हें उत्तर प्रदेश के बजाय मध्य प्रदेश के रास्ते संसद भेजने का निर्णय लिया। मध्य प्रदेश की यह सीट केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जिसका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक का है। अब इस बची हुई अवधि के लिए हरदीप सिंह पुरी राज्यसभा में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
प्रफुल्ल तिवारी
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