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देश की बढ़ती ताकत को रोकने हो रही कोशिश : संघ प्रमुख का बड़ा आरोप, लोगों को गुमराह करने फैलाई जा रहीं भ्रामक खबरें भी

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 17, 2026
10:02 AM
संघ प्रमुख का बड़ा आरोप, लोगों को गुमराह करने फैलाई जा रहीं भ्रामक खबरें भी

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने बड़ा बयान दिया है। महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि भारत के उत्थान को रोकने के लिए देश के भीतर और बाहर से कई तरह के “झूठे नैरेटिव” गढ़े जा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगया कि लोगों को गुमराह करने के लिए गलत रिपोर्टें और भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं।

भागवत ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि इन प्रयासों के पीछे ऐसी ताकतें हैं जिनके पास जनसंख्या, धन, सत्ता और संगठन जैसी बड़ी क्षमताएं हैं। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भारत के लोगों को अपने मूल्यों और सांस्कृतिक आधार पर मजबूती से खड़े रहना होगा।

“भारत का उत्थान सिर्फ देश ही नहीं, दुनिया के लिए जरूरी”

अपने संबोधन में मोहन भागवत ने यह भी कहा कि भारत का आगे बढ़ना केवल राष्ट्रीय हित तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया के कल्याण के लिए आवश्यक है। उनके अनुसार एक मजबूत भारत वैश्विक संतुलन और मानव कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने लोगों से सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मजबूती बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता में छिपी एकता और उसके मूल्य हैं।

“हमारा इतिहास संघर्ष और स्वाभिमान का इतिहास है”

महाराणा प्रताप और हल्दीघाटी युद्ध का उल्लेख करते हुए भागवत ने कहा कि भारत का इतिहास गुलामी का नहीं, बल्कि संघर्ष का इतिहास है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि धर्म, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष किया।

उन्होंने हल्दीघाटी युद्ध को भारतीय समाज के लंबे संघर्ष का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह केवल सैन्य टकराव नहीं था, बल्कि आत्मसम्मान और स्वतंत्रता की रक्षा का प्रयास था। उनके अनुसार, इतिहास इस बात के प्रमाण भी देता है कि यह संघर्ष अत्यंत कठिन परिस्थितियों में लड़ा गया था।

“विविधता में एकता ही भारत की ताकत”

अपने भाषण के अंत में मोहन भागवत ने समाज में एकता और सौहार्द बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग पहचानें स्वाभाविक हैं, लेकिन असली एकता आपसी सम्मान और सामंजस्य से आती है, न कि समानता से।

उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि जैसे इतिहास में मेवाड़ के लोग महाराणा प्रताप के साथ खड़े थे, वैसे ही आज भी समाज को भारत की प्रगति के लिए एकजुट होकर काम करना चाहिए। भागवत ने कहा कि भारत की असली शक्ति उसके चरित्र, संस्कार और मूल्यों में निहित है, जिन्हें और मजबूत करने की आवश्यकता है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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