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हर्षा रिछारिया के संन्यास पर बवाल : संत समाज के अध्यक्ष अनिलानंद महाराज की आपत्ति

अभिलाषा कनाडे

अभिलाषा कनाडे

Apr 23, 2026
11:20 AM
संत समाज के अध्यक्ष अनिलानंद महाराज की आपत्ति

भोपाल: अक्षय तृतीया के दिन उज्जैन के मौनी तीर्थ आश्रम में संन्यास लेने वाली हर्षा रिछारिया एक बार फिर सुर्खियों में है। प्रयागराज महाकुंभ से चर्चा में आई हर्षा रिछारिया के संन्यास पर मध्य प्रदेश संत समिति के अध्यक्ष अनिलानंद महाराज ने आपत्ति जताई है। संत समाज ने इसे सनातन धर्म की परंपरा के विरुद्ध और 'पब्लिसिटी स्टंट' करार दिया है। उन्होंने अखाड़ा परिषद से जांच और कार्रवाई की मांग की है, साथ ही इसके पीछे विदेशी फंडिंग की आशंका भी जताई है।

संत समाज ने किया विरोध

हर्षानंद गिरी उर्फ हर्षा रिछारिया के संन्यास के बाद से भोपाल में संत समाज ने उनका विरोध करना शुरु कर दिया है। संत समाज के अध्यक्ष अनिलानंद महाराज ने विरोध करते हुए कहा कि- ‘हर्षानंद गिरी कब कहा गिर जाएं कोई भरोसा नहीं’…’सनातन को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है’…’ये संत समाज बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा’…इसी के साथ अनिलानंद महाराज ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष को पत्र लिखकर हर्षानंद गिरी और उन्हे दीक्षा दिलवाने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

उज्जैन में हर्षा रिछारिया ने लिया था संन्यास

अक्षय तृतीया के दिन हर्षा रिछारिया ने उज्जैन में शिप्रा नदी के किनारे मौनी तीर्थ आश्रम में संन्यास की दीक्षा ली थी। संन्यास के बाद हर्षा रिछारिया को स्वामी हर्षानंद गिरि नाम दिया गया। ये पूरा अनुष्ठान पंचायती निरंजनी अखाड़ा के पीठाधीश्वर सुमनानंद गिरि महाराज के नेतृत्व में हुआ था। साध्वी हर्षा नंदगिरी ने स्वंय का तर्पण, पिंडदान, शिखा और दंड का त्याग कर संन्यास की दीक्षा पूरी की थी।

अभिलाषा कनाडे
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अभिलाषा कनाडे

खबरी दुनिया की ऑल राउंडर। टीवी जर्नलिज़्म में एक दशक का सफर पूरा कर रही हैं। टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया का प्रगाढ़ अनुभव।

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