राजा रघुवंशी की कातिल फिर खाएगी जेल की हवा : सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से लगा बड़ा झटका, 3 हफ्ते में करना होगा सरेंडर

नई दिल्ली। इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम रघुवंशी को बड़ा झटका लगा है। सर्वोच्च न्यायालय ने उसकी जमानत रद्द करते हुए तीन सप्ताह के भीतर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय सरकार की अपील पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया। यानि अब सोनम को दोबारा सलाखों के पीछे जाना होगा। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के साथ ही बहुचर्चित हनीमून मर्डर केस एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। बता दें कि राजा रघुवंशी की हनीमून के दौरान हुई हत्या के मामले मे आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार ने याचिका दाखिल की थी।
हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
सोनम रघुवंशी को पहले मेघालय की ट्रायल कोर्ट ने जमानत दी थी। इसके बाद मेघालय हाईकोर्ट ने भी राज्य सरकार की जमानत रद्द करने की याचिका खारिज कर दी थी। राज्य सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जहां सुनवाई के बाद अदालत ने हाईकोर्ट और निचली अदालत से मिली राहत पर रोक लगाते हुए सोनम की जमानत रद्द कर दी।
हनीमून के दौरान हुई थी सनसनीखेज वारदात
मामला मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी कारोबारी राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी से जुड़ा है। दोनों शादी के बाद मई 2025 में मेघालय के सोहरा क्षेत्र में हनीमून मनाने गए थे। 23 मई को दोनों के लापता होने की सूचना मिली थी। कई दिनों तक चले तलाश अभियान के बाद 2 जून 2025 को राजा रघुवंशी का शव एक गहरी खाई से बरामद हुआ, जिससे यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बन गया।
पति की हत्या की साजिश का आरोप
जांच एजेंसियों का आरोप है कि सोनम रघुवंशी ने किराये के हत्यारों के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस के अनुसार, हत्या पहले से सुनियोजित थी और वारदात को अंजाम देने के बाद इसे हादसा या गुमशुदगी का रूप देने की कोशिश की गई। इसी आरोप के आधार पर सोनम को जून 2025 में गिरफ्तार किया गया था।
अब ट्रायल पर रहेगी नजर
सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद सोनम रघुवंशी को तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करना होगा। इसके बाद मामले की सुनवाई निचली अदालत में आगे बढ़ेगी। बहुचर्चित इस हत्याकांड पर पूरे देश की नजर बनी हुई है और अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ट्रायल के दौरान अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अंतिम फैसला क्या आता है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
