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इंदौर का बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड : सोनम की जमानत का मामला फिर लटका, अब 17 जुलाई को शीर्ष अदालत करेगी सुनवाई

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 14, 2026
09:43 AM
सोनम की जमानत का मामला फिर लटका, अब 17 जुलाई को शीर्ष अदालत करेगी सुनवाई

नई दिल्ली। इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत का मामला एक बार फिर टल गया है। दरअसल मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई न होने के कारण फैसला नहीं हो सका। बता दें कि मेघालय सरकार ने सोनम को मिली जमानत रद्द करने की मांग करते हुए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। आज इस मामले में सुनवाई होनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को तय की गई है।

इस दौरान मेघालय सरकार गिरफ्तारी के समय सोनम को उपलब्ध कराए गए तथ्यों और दस्तावेजों की प्रति अदालत के समक्ष पेश करेगी। राज्य सरकार एक बार फिर सोनम की जमानत रद्द करने की मांग रखेगी, जबकि बचाव पक्ष भी अपना पक्ष विस्तार से अदालत के सामने रखेगा। ज्ञात हो कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय सरकार की याचिका पर सोनम की जमानत पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया था। हालांकि अदालत ने यह भी टिप्पणी की थी कि प्रथम दृष्टया ऐसा नहीं लगता कि गिरफ्तारी के आधार पूरी तरह से नहीं बताए गए थे। इसी कारण मामले की विस्तृत सुनवाई आवश्यक है।

गिरफ्तारी प्रक्रिया को लेकर बना है पूरा विवाद

सोनम रघुवंशी को निचली अदालत ने इस आधार पर जमानत दी थी कि गिरफ्तारी के समय उन्हें कानून के अनुसार गिरफ्तारी के आधार स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं कराए गए थे। बाद में मेघालय हाईकोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा। इसके बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए जमानत रद्द करने की मांग की।

सरकार का दावा- केवल टाइपिंग की गलती, गिरफ्तारी वैध

मेघालय सरकार की ओर से अदालत में कहा गया कि गिरफ्तारी के आधार सोनम को बताए गए थे और पूरी प्रक्रिया कानून के अनुरूप अपनाई गई थी। सरकार के मुताबिक विवाद केवल दस्तावेज में हुई एक टाइपिंग त्रुटि का है। हत्या से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) लिखे जाने के बजाय गलती से धारा 403(1) अंकित हो गई थी, जबकि बीएनएस में ऐसी कोई धारा मौजूद ही नहीं है। सरकार का कहना है कि इस तकनीकी त्रुटि के आधार पर गंभीर अपराध के आरोपी को राहत नहीं दी जा सकती, क्योंकि उसके खिलाफ हत्या में संलिप्तता के पर्याप्त और मजबूत साक्ष्य मौजूद हैं।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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