जुकरबर्ग के सामने निवेश से मुनाफा कमाने की बड़ी चुनौती : एआई पर अरबों डॉलर खर्च करना मेटा को पड़ा भारी, रेटिंग एजेंसी ने घटाया कंपनी का आउटलुक

नई दिल्ली। अमेरिका की दिग्गज तकनीकी कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर भारी-भरकम खर्च अब चिंता का कारण बनता जा रहा है। रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने कंपनी की एए- साख रेटिंग के भविष्य के आकलन को स्थिर से घटाकर नकारात्मक कर दिया है। एजेंसी के मुताबिक, एआई से जुड़ी परियोजनाओं पर लगातार बढ़ता खर्च और कंपनी के कर्ज में इजाफा उसकी वित्तीय स्थिति पर दबाव बना रहा है।
एआई में भारी निवेश से बढ़ा आर्थिक दबाव
एसएंडपी ने अपने बयान में कहा कि मेटा की वित्तीय स्थिति पर एआई से जुड़े भारी खर्च का असर पड़ रहा है। कंपनी का बढ़ता कर्ज भी इस फैसले की प्रमुख वजह है। एजेंसी का मानना है कि मेटा के लिए एआई में किए गए निवेश से कमाई करने की क्षमता उसके प्रतिस्पर्धियों की तुलना में सीमित हो सकती है।
2027 तक 225 अरब डॉलर पार हो सकता है खर्च
रेटिंग एजेंसी के अनुमान के मुताबिक, मेटा का पूंजीगत खर्च इस साल 140 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। वहीं, 2027 में इसके बढ़कर 225 अरब डॉलर से अधिक होने की आशंका है। कंपनी पर कर्ज का बोझ भी बढ़ सकता है। पिछले साल कर्ज और कमाई का अनुपात करीब 0.1 गुना था, जो 2027 में 1.0 गुना से ऊपर जा सकता है।
अभी रेटिंग में कटौती नहीं, लेकिन खतरे की घंटी
एसएंडपी ने मेटा की एए- साख रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, भविष्य का आकलन नकारात्मक किए जाने का मतलब है कि अगले दो वर्षों में कंपनी की रेटिंग घटाई जा सकती है। फिलहाल तत्काल रेटिंग में कटौती का कोई फैसला नहीं हुआ है।
निवेशकों को एआई से कमाई का इंतजार
मेटा के साथ दूसरी बड़ी तकनीकी कंपनियों के निवेशक भी यह देख रहे हैं कि एआई पर किए जा रहे भारी निवेश से वास्तविक कमाई कब शुरू होगी। शुक्रवार को तकनीकी कंपनियों के निराशाजनक नतीजों के कारण नैस्डैक 100 सूचकांक में 3.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
मेटा ने अक्टूबर की शुरुआत में बताया था कि उसने भविष्य में 800 अरब डॉलर से अधिक खर्च करने की प्रतिबद्धता जताई है। इसमें लगभग आधा हिस्सा ऐसे किराये के समझौतों से जुड़ा है, जो अभी शुरू भी नहीं हुए हैं। इनका बड़ा हिस्सा आंकड़ा केंद्रों और ऊर्जा ढांचे के विकास पर खर्च होना है।
जुकरबर्ग को एआई से कमाई की उम्मीद
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग और अन्य अधिकारियों ने बताया है कि म्यूज मॉडल और व्यक्तिगत एआई सहायक के माध्यम से कमाई के नए रास्ते तैयार किए जा सकते हैं। इसके लिए सदस्यता शुल्क, लेनदेन शुल्क और विज्ञापन जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप पहले से ही कंपनी की कमाई के बड़े स्रोत हैं। अब मेटा कृत्रिम बुद्धिमत्ता को भी कमाई का नया माध्यम बनाना चाहती है। हालांकि, सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इस भारी निवेश से वास्तविक मुनाफा कब और कितना हासिल होगा।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
