नियम विरुद्ध कारोबार पर नगर निगम का एक्शन : रिहायशी इलाकों में ताबड़तोड़ कार्रवाई, 1018 को थमाया नोटिस, कई प्रतिष्ठानों पर लटका ताला

भोपाल। राजधानी भोपाल में रिहायशी इलाकों में नियमों के विरुद्ध चल रहे कारोबार पर नगर निगम ने बड़ा और सख्त अभियान छेड़ दिया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में निगम की टीमों ने शनिवार से अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर, बावड़ियाकलां समेत कई क्षेत्रों में ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी। अब तक 1018 नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जबकि पहले ही दिन 15 से अधिक व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सील लगा दी गई। कई भवनों के बाहर व्यावसायिक गतिविधियां बंद होने के बोर्ड भी लगा दिए गए हैं।
निगम ने साफ कर दिया है कि रिहायशी भूखंडों का व्यावसायिक उपयोग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दूसरी ओर, इस कार्रवाई से व्यापारियों में नाराजगी बढ़ गई है और कई स्थानों पर विरोध भी शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज होने के संकेत हैं।

सीलिंग के दौरान हंगामा, कार्रवाई पर उठे सवाल
बावड़ियाकलां क्षेत्र में एक टैटू स्टूडियो को सील करने के दौरान नगर निगम की टीम और पूर्व पार्षद रामबाबू पाटीदार के बीच तीखी बहस हो गई। पाटीदार ने निगम की कार्रवाई को अनुचित बताते हुए आरोप लगाया कि व्यापारियों को अचानक नोटिस देकर भय का माहौल बनाया गया है। उनका कहना था कि यदि नियमों के तहत कार्रवाई हो रही है तो इसे पूरे शहर में समान रूप से लागू किया जाना चाहिए, केवल चुनिंदा इलाकों में नहीं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर चला अभियान
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में की जा रही है। लंबे समय से रिहायशी भूखंडों पर व्यावसायिक गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। इसी को लेकर न्यायालय में याचिकाएं भी दायर की गई थीं। निगम का दावा है कि कार्रवाई से पहले सभी संबंधित लोगों को नियमानुसार नोटिस दिए गए थे और कई प्रतिष्ठानों ने स्वेच्छा से अपना कारोबार बंद भी कर दिया है।

और तेज होगी कार्रवाई, व्यापारियों का विरोध जारी
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि अभियान अभी जारी रहेगा। अरेरा कॉलोनी और बावड़ियाकलां में कई अन्य बड़े शोरूम और रेस्तरां पर भी कार्रवाई की तैयारी है। दूसरी ओर, व्यापारी संगठन इस कदम का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे वर्षों से व्यावसायिक दरों पर बिजली बिल, संपत्ति कर और अन्य शुल्क जमा कर रहे हैं तथा उनके पास आवश्यक पंजीकरण और व्यापार लाइसेंस भी हैं। व्यापारियों का तर्क है कि नए व्यावसायिक क्षेत्रों के विकास में देरी के कारण उन्हें रिहायशी क्षेत्रों में कारोबार करना पड़ा।
इधर, भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने भी नगर निगम की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि स्थायी समाधान निकाले बिना इस तरह की कार्रवाई से हजारों व्यापारियों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो सकता है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
