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कठुआ में हादसाः : मां के दर्शन को निकले श्रद्धालुओं की बस गिरी खाई में 23 घायल, दो गंभीर, सुकराला माता मंदिर जा रही बस

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 24, 2026
10:08 AM
मां के दर्शन को निकले श्रद्धालुओं की बस गिरी खाई में 23 घायल, दो गंभीर, सुकराला माता मंदिर जा रही बस

जम्मू। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में बड़ा सड़क हादसा हो गया है। यहां के बिलावर कस्बे के पास श्रद्धालुओं से भरी बस गहारी खाई जा गिरी। हादसे में करीब दो दर्जन लोग घायल हुए हैं। इनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। श्रद्धालुओं से भरी सुकराला मंदिर जा रही थी, रास्तें में नियतंत्रण खो जाने के कारण यह हादसा हो गया। राहत की बात यह की इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।

हादसे में घायल सभी श्रद्धालुओं को तत्काल अस्पताल में भती कराया गया है। इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि दो श्रद्धालुओं को गंभीर चोटें आई हैं और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। वहीं अधिकारियों के मुताबिक, चालक के नियंत्रण खोने के बाद यह दुर्घटना हुई।

बचाव दल ने घायलों को अस्पताल में कराया भर्ती

अधिकारियों ने बताया, “बचाव अभियान पुलिस, नागरिक प्रशासन और स्थानीय लोगों ने संयुक्त रूप से चलाया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही सभी राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंच गए और घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।” उन्होंने कहा कि पुलिस ने घटना का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है, ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

माल देवी को समर्पित है मंदिर

सुकराला माता मंदिर कठुआ जिले के बिलावर क्षेत्र के निकट स्थित एक अत्यंत श्रद्धेय हिंदू तीर्थस्थल है। यह मंदिर देवी माल देवी को समर्पित है, जिन्हें शारदा देवी का अवतार माना जाता है। लगभग 3,500 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित सफेद गुंबद वाला यह मंदिर विशेष रूप से नवरात्रि के दौरान हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।

कठुआ से 75 किमी दूर है मंदिर

मंदिर में देवी की पूजा पीतल के सिंह पर विराजमान एक पवित्र शिला के रूप में की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी को माता वैष्णो देवी की बड़ी बहन माना जाता है। स्थानीय लोककथाओं के अनुसार, इस मंदिर की स्थापना हिमाचल प्रदेश के चंबा के निर्वासित राजकुमार मदहो सिंह ने कराई थी। यह मंदिर जम्मू से लगभग 125 किलोमीटर और कठुआ शहर से करीब 75 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को पहाड़ी के आधार से सीढ़ियों का लंबा मार्ग तय करना पड़ता है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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