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दीपावली के पीक सीजन में कांग्रेस की महारैली : व्यापारियों को सता रहा कारोबार ठप होने का डर, सोनिया गांधी को लिखा पत्र, 10 लाख लोगों की भीड़ से जाम की आशंका

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Oct 30, 2026
05:53 AM
व्यापारियों को सता रहा कारोबार ठप होने का डर, सोनिया गांधी को लिखा पत्र, 10 लाख लोगों की भीड़ से जाम की आशंका

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में दीपावली से ठीक पहले कांग्रेस की प्रस्तावित महारैली को लेकर व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। रामलीला मैदान में 1 नवंबर को प्रस्तावित 10 लाख लोगों की महारैली को टालने की मांग करते हुए चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा है। संगठन ने अपील की है कि रैली को दीपावली के बाद 10 या 11 नवंबर को आयोजित किया जाए, ताकि त्योहार के दौरान व्यापारियों के कारोबार पर असर न पड़े।

सीटीआई का कहना है कि संगठन इससे पहले राहुल गांधी को तीन पत्र लिखकर अपनी चिंता जाहिर कर चुका है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अब व्यापारियों को सोनिया गांधी से आखिरी उम्मीद है।

दीपावली के कारोबार पर पड़ेगा बड़ा असर

सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि व्यापारी कांग्रेस की रैली का विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपने रोजगार और कारोबार को बचाने की अपील कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 6 नवंबर को धनतेरस और 8 नवंबर को दीपावली है। ऐसे में 1 नवंबर खरीदारी और व्यापार की तैयारियों का सबसे महत्वपूर्ण दिन है।

उनके मुताबिक, यदि इस दिन 10 लाख लोग और 15 से 20 हजार वाहन मध्य दिल्ली पहुंचते हैं, तो आसपास के 20 प्रमुख बाजारों में रोजाना होने वाला 10 से 12 हजार करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो सकता है।

20 बड़े बाजारों में जाम का खतरा

सीटीआई ने पत्र में पार्किंग और यातायात व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन के अनुसार, रामलीला मैदान में 200 बड़ी बसों की पार्किंग की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। ऐसे में 10 लाख लोगों को लाने के लिए 15 से 20 हजार बसों, कारों और टेंपो की जरूरत पड़ेगी।

इन वाहनों के जेएलएन मार्ग, बहादुर शाह जफर मार्ग, नेताजी सुभाष मार्ग, अजमेरी गेट और चांदनी चौक के आसपास खड़े होने से पुरानी दिल्ली और मध्य दिल्ली में भीषण जाम की स्थिति बन सकती है।

31 अक्टूबर से ही शुरू हो सकता है असर

व्यापारियों का कहना है कि 31 अक्टूबर दोपहर से ही दिल्ली के सिंघु, टिकरी, गाजीपुर और बदरपुर बॉर्डर पर वाहनों का पहुंचना शुरू हो सकता है। बैरिकेडिंग और यातायात प्रतिबंधों के कारण माल की आवाजाही भी प्रभावित होगी। ट्रांसपोर्टरों ने 31 अक्टूबर से ही गाड़ियां भेजने में असमर्थता जतानी शुरू कर दी है।

सीटीआई ने रखे दो विकल्प

व्यापारियों ने सोनिया गांधी के सामने दो प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, महारैली को दीपावली के बाद 10 या 11 नवंबर को आयोजित किया जाए। दूसरी, यदि रैली की तारीख बदलना संभव नहीं है तो इसे रामलीला मैदान के बजाय बुराड़ी मैदान में कराया जाए, जहां करीब 15 हजार वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था होने का दावा किया गया है।

सीटीआई का कहना है कि त्योहार के इस महत्वपूर्ण समय में व्यापारियों के हितों और आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस नेतृत्व को सकारात्मक फैसला लेना चाहिए।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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