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अमेरिका-ईरान तनाव फिर चरम पर : तेहरान की सैन्य क्षमता को लेकर ट्रंप ने बड़ा दावा, निशाने पर रहे मोजतबा खामेनेई

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 14, 2026
06:23 AM
तेहरान की सैन्य क्षमता को लेकर ट्रंप ने बड़ा दावा, निशाने पर रहे मोजतबा खामेनेई

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। दोनों देश एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दाग रहे हैं। मिडिल ईस्ट में दूसरी बार भड़की जंग से दुनियाभर की टेंशन बढ़ गई है। इस टेंशन के बीच बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमता और नेतृत्व को लेकर कई बड़े दावे किए हैं। ट्रंप ने कहा कि हालिया सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान का शीर्ष सैन्य ढांचा लगभग पूरी तरह बिखर चुका है और उसके कई प्रमुख नेता अब सक्रिय भूमिका में नहीं हैं।

मोजतबा खामेनेई को लेकर भी किया बड़ा दावा

फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई, जिन्हें लंबे समय से सत्ता का संभावित उत्तराधिकारी माना जाता रहा है, अब गंभीर रूप से कमजोर स्थिति में हैं। ट्रंप के अनुसार, हालिया घटनाओं ने ईरान के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व को गहरा झटका पहुंचाया है।

ईरान की सैन्य क्षमता पर उठाए सवाल

अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि ईरान की नौसैनिक और वायु सैन्य क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि देश की हवाई सुरक्षा प्रणाली और रणनीतिक सैन्य ढांचे को कमजोर कर दिया गया है, जिससे क्षेत्रीय शक्ति संतुलन में बड़ा बदलाव आया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका की नई रणनीति

ट्रंप ने संकेत दिए कि अमेरिका एक बार फिर ईरान के खिलाफ सख्त आर्थिक और सामरिक कदम उठा सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की भूमिका निभाएगा और इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए शुल्क वसूलने पर विचार किया जा रहा है।

उनका कहना था कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है और इसकी सुरक्षा बनाए रखना वैश्विक अर्थव्यवस्था के हित में है।

ईरान ने दी तीखी प्रतिक्रिया

ट्रंप के बयानों और प्रस्तावों पर ईरान ने कड़ा विरोध जताया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा की जिम्मेदारी हमेशा से ईरान ने निभाई है और भविष्य में भी वही निभाएगा। उन्होंने समुद्री सुरक्षा के नाम पर किसी भी प्रकार के आर्थिक शुल्क लगाने के प्रस्ताव को अनुचित और अस्वीकार्य बताया।

मध्य पूर्व में फिर बढ़ा तनाव

हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच बढ़ी सैन्य गतिविधियों और तीखे बयानों ने मध्य पूर्व में तनाव को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं हुए, तो आने वाले समय में क्षेत्रीय स्थिरता पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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