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हाफिज सईद के खिलाफ कोर्ट का बड़ा एक्शन : कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट, पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड पर कसा कानूनी शिकंजा

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 14, 2026
08:29 AM
कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट, पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड पर कसा कानूनी शिकंजा

जम्मू। पहलगाम आतंकी हमले के कथित मास्टरमाइंड और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के संस्थापक हाफिज सईद के खिलाफ जम्मू की विशेष अदालत ने बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की अर्जी पर अदालत ने हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष और प्रभावी जांच के लिए उसकी गिरफ्तारी तथा हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।

यह कार्रवाई एनआईए द्वारा हाल ही में दाखिल की गई सप्लीमेंट्री चार्जशीट के बाद हुई है, जिसमें हाफिज सईद को पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड बताया गया है।

एनआईए ने कोर्ट से मांगी थी गिरफ्तारी की अनुमति

एनआईए के अतिरिक्त जांच अधिकारी (एआईओ) इंस्पेक्टर अरुण शर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 75 के तहत विशेष अदालत में गैर-जमानती वारंट जारी करने की अर्जी दाखिल की थी। एजेंसी ने अदालत को बताया कि हाफिज सईद लगातार गिरफ्तारी से बच रहा है और पाकिस्तान से अपनी आतंकी गतिविधियों का संचालन कर रहा है। ऐसे में जांच को आगे बढ़ाने और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए उसके खिलाफ वारंट जारी किया जाना जरूरी है।

अदालत ने एजेंसी की दलीलों और उपलब्ध दस्तावेजों पर विचार करने के बाद वारंट जारी करने का आदेश दिया।

कई नामों से पहचान, यूएपीए के तहत घोषित आतंकी

जांच एजेंसी के अनुसार, हाफिज सईद कई अलग-अलग नामों से जाना जाता है। वह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा का निवासी है और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत घोषित आतंकवादी है। एनआईए का कहना है कि वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है और पाकिस्तान से ही अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहा है।

एजेंसी ने अदालत को यह भी बताया कि आरोपी जानबूझकर भारतीय कानून से बचने की कोशिश कर रहा है, इसलिए उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी है।

डीआईजी एनआईए को भेजा गया वारंट

विशेष अदालत ने अपने आदेश में कहा कि निष्पक्ष, व्यापक और प्रभावी जांच के लिए आरोपी की गिरफ्तारी आवश्यक है। अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी करते हुए इसे नियमानुसार तामील कराने के लिए डीआईजी, एनआईए जम्मू को भेजने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस आदेश के साथ संबंधित अर्जी का निस्तारण कर रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया गया है।

26 लोगों की मौत ने दहला दिया था देश

गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। एनआईए ने मामले की पहली चार्जशीट दिसंबर 2025 में दाखिल की थी और जांच आगे बढ़ने के साथ अब सप्लीमेंट्री चार्जशीट में हाफिज सईद की भूमिका को प्रमुख साजिशकर्ता के रूप में चिन्हित किया गया है। ताजा वारंट को इस हाई-प्रोफाइल आतंकी मामले में जांच की दिशा में एक महत्वपूर्ण कानूनी कदम माना जा रहा है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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