मिडिल-ईस्ट तनाव से भारत के व्यापार पर असर : केन्द्रीय मंत्री गडकरी को भी लगा झटका, परिवार को हुआ करोड़ों का नुकसान

नागपुर। मिडिल-ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच करीब दो महीने से तनाव बना हुआ है। जिसका असर वैश्विक सप्लाई चेन पर दिखने लगा है। भारतीय कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। इसमें केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी शामिल हैं। इसका खुलासा उन्होंने नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान किया है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण उनके पारिवारिक व्यापार को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। गडकरी ने यह भी कहा कि इस कठिन समय में उन्होंने हार नहीं मानी और धीरे-धीरे स्थानीय बाजार पर ध्यान केंद्रित कर कारोबार को संभालने की कोशिश की।
डिटर्जेंट बिजनेस पर बड़ा झटका
नितिन गडकरी के अनुसार उनके परिवार का एक बिजनेस ऐसा है जिसमें शुगर से डिटर्जेंट तैयार किया जाता है। इस कारोबार की जिम्मेदारी उनकी बहू संभालती हैं। उन्होंने बताया कि पहले हर महीने लगभग 100 कंटेनर डिटर्जेंट अमेरिका एक्सपोर्ट किए जाते थे, लेकिन तनाव और सप्लाई बाधित होने के कारण यह पूरी सप्लाई रुक गई। इसका सीधा असर व्यापार पर पड़ा और बड़ा नुकसान हुआ।
बेटे के इंटरनेशनल ट्रेड में भारी नुकसान
गडकरी ने अपने बेटे के व्यापार को लेकर भी स्थिति साझा की। उनके अनुसार उनका बेटा ईरान के साथ बड़े स्तर पर व्यापार करता है। भारत से ईरान केले भेजे जाते थे और ईरान से भारत सेब आयात करता था। लेकिन तनाव और युद्ध जैसे हालातों के चलते पूरी सप्लाई चेन बाधित हो गई। नतीजतन लगभग 400 कंटेनर केले रास्ते में ही खराब हो गए, जबकि ईरान से आने वाले 200 कंटेनर सेब भी खराब हो गए।
बीमा कंपनियों पर उठे सवाल
इस बड़े नुकसान के बाद नितिन गडकरी ने बीमा कंपनियों के रवैये पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि भारी नुकसान के बावजूद इंश्योरेंस कंपनियां भुगतान को लेकर टालमटोल कर रही हैं, जिससे व्यापारियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
मुश्किलों के बीच प्रेरणा का संदेश
नुकसान के बावजूद गडकरी ने व्यापारियों को हिम्मत रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बिजनेस में उतार-चढ़ाव सामान्य हैं और ऐसी परिस्थितियों में घबराने के बजाय आत्मनिर्भरता और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
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