तीन राज्यों की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का बिगुल : मप्र-गुजरात और बिहार में 30 जुलाई को होगी वोटिंग, दतिया में दिलचस्प होगा मुकाबला

नई दिल्ली/भोपाल। देश के तीन राज्यों की तीन महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। चुनाव आयोग ने मध्यप्रदेश की दतिया, बिहार की बांकीपुर और गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान करते हुए 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना कराने का फैसला किया है।
इन उपचुनावों पर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हैं। खासकर मध्यप्रदेश की दतिया सीट पर मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है, जहां पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा की हार के बाद बने राजनीतिक समीकरण अब फिर से बदल सकते हैं। चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 6 जुलाई को अधिसूचना जारी की जाएगी। उम्मीदवार 13 जुलाई तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे, जबकि 16 जुलाई नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि होगी। मतदान 30 जुलाई को होगा और 3 अगस्त को मतों की गिनती के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे।
दतिया सीट पर क्यों हो रहा उपचुनाव?
बता दें कि मप्र की दतिया विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद खाली हुई है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में राजेंद्र भारती ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को करीब सात हजार वोटों से हराया था। चुनाव में राजेंद्र भारती को 88,977 वोट मिले थे, जबकि नरोत्तम मिश्रा को 81,235 मत प्राप्त हुए थे। बाद में एक फर्जीवाड़े के मामले में अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई, जिसके चलते इस सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है।
गुजरात और बिहार में ये हैं उपचुनाव की वजहें
गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट भाजपा विधायक योगेश नारायणदास पटेल के निधन के बाद रिक्त हुई है। योगेश पटेल ने 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी। पिछले महीने 79 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया था। वहीं बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा नेता नितिन नवीन के इस्तीफे के कारण खाली हुई है। राज्यसभा सदस्य बनने के बाद उन्होंने विधानसभा की सदस्यता छोड़ दी थी, जिसके बाद यहां उपचुनाव की आवश्यकता पड़ी।
ईवीएम और वीवीपैट से होगा मतदान
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि तीनों विधानसभा सीटों पर मतदान पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वीवीपैट के माध्यम से कराया जाएगा। आयोग के अनुसार सभी मतदान केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में ईवीएम और वीवीपैट उपलब्ध करा दिए गए हैं तथा निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इन तीनों सीटों के नतीजे संबंधित राज्यों के राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकते हैं, इसलिए सभी दलों ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
