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करोड़ों की इलेक्ट्रिक बसें डिपो में कैद : रूट-किराया और समय पर अटका पहिया, दौड़ना है घनी आबादी और चौड़ी सड़कों वाले इलाके में

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Apr 25, 2026
07:03 AM
रूट-किराया और समय पर अटका पहिया, दौड़ना है घनी आबादी और चौड़ी सड़कों वाले इलाके में

भोपाल। केंद्र ने भोपाल शहर में चलाने के लिए 100 इलेक्ट्रिक बसें दे दी हैं। यह ये ई- बसें कस्तुरबा नगर और हिरदाराम नगर डिपो पर रखी हुई हैं। यहीं से इन्हें विभिन्न रूटों पर चलना है। हैरत की बात ये है कि अभी तक संबंधित एजेंसी ने इन बसों के लिए न तो अभी रूट तय किया है और न इनका किराया। समय सारणी की बात तो अभी दूर की बात है। केंद्र से कुल 195 इलेक्ट्रिक बसें मिलना हैं। शेष रह गयीं 95 ई बसें भी जल्दी मिलने वाली हैं।

हालात ये हैं कि नगर निगम की ये बसें रूट और समय-सारिणी का इंतजार कर रही है। जानकारों का कहना है कि इन बसों को घनी आबादी और चैड़ी सड़कों पर दौड़ाने की योजना तैयार कर रही है। नगर निगम की संचालन करने वाली कंपनी बीसीसीएल के अधिकारियों का कहना है कि इन बसों का रूट चार्ट और टाइमिंग बहुत जल्द तैयार हो जाएगा। फिलहाल इन बसों का ट्रायल शहर की सड़कों पर किया जा रहा है। ये बसें पहले वाली डीजल बसों से अधिक आरामदेह हैं। ध्वनि प्रदूषण से यात्री को मुक्त रखेगी।

केन्द्र से पहली बार भोपाल को मिली ई-बसें

बताया जाता है कि पहली बार केंद्र सरकार से भोपाल को ई-बसें मिली है। इसलिए भोपाल की आबादी को देखते हुए इन बसों के रूट बहुत सोच-समझकर तय किए जा रहे हैं। नगर निगम की कोशिश है कि घनी आबादी वाले मोहल्लों को शहर के बाहरी इलाकों से जोड़ा जाए। शुरुआत में इन बसों को मौजूदा सिटी बस मैनेजमेंट के जरिए ही चलाएंगे। इसके बाद धीरे-धीरे बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

इन इलाकों में इलेक्ट्रिक बसें चलाने की है योजना

फिलहाल इन बसों को पांच मार्गों पर चलाने की योजना है। ये मार्ग कौन से हैं? इसका खुलासा कंपनी ने नहीं किया है। हालांकि अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जिन इलाकों में सड़कें चैड़ी ी सड़कें और घनी आबादी है, वहां इन बसों को चलाया जाएगा। इस हिसाब से कोलार, न्यू मार्केट, कमला पार्क, स्मार्ट सिटी क्षेत्र नेहरू नगर, चूनाभट्टी, शाहपुरा, नर्मदापुरम रोड, कटारा हिल्स, भेल, अवधपुरी, पटेल नगर, अयोध्या बायपास आदि में इन बसों के चलाने की संभावना है। इसके लिए 5 रूट तैयार किए जाएंगे।

इन बसों से रोजाना लगभग 80 हजार यात्रियों का सफर आसान और सस्ता हो जाएगा। माना जा रहा है कि इस कदम से शहर की सड़कों पर न केवल ट्रैफिक का दबाव कम करेगा, बल्कि शहर की आबोहवा को भी साफ रखने में मदद करेगा।

चार्जिंग के लिए तैयार दो हाईटेक डिपो

ई-बसों को बेहतर तरीके से चलाने के लिए प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। इन बसों के रखरखाव और चार्जिंग के लिए शहर में दो बड़े और हाईटेक डिपो कस्तूरबा नगर और बैरागढ़ में बनकर तैयार है। इन दोनों डिपो को बनाने में करीब 40 करोड़ रुपए खर्च कर चार्ज करने के लिए बड़े स्टेशन और सर्विसिंग यूनिट्स लगाई गई है। प्रत्येक डिपो में एक साथ 150 बसों को खड़ा करने की क्षमता होगी। इसी के साथ नादरा बस स्टैंड को अब सिटी बस टर्मिनल के रूप में विकसित कर रहे हैं। यहां से ई-बसों का संचालन सुव्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।

ई-बसों में ये रहेगी सुविधाएं

  • - ई- बसों में महिला सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। बसों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि महिलाएं आसानी से सफर कर सकें।

  • - बसों में दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर के लिए खास जगह और ऑटोमैटिक लिफ्ट दिया गया है।

  • - हर बस में जीपीएस तकनीक के साथ पैनिक बटन और लाइव सीसीटीवी कैमरे लगे है।

  • - यात्री सिटी बस मोबाइल ऐप के जरिए देख सकेंगे कि बस कितनी देर में स्टॉप पर आएगी? बस के अंदर अगले स्टॉप की जानकारी डिजिटल स्क्रीन पर दिखते रहेगी।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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