‘चुनावी छलावा न बन जाए नौकरी का ऐलान’ : यूपी सीएम की घोषणा पर मायावती ने खड़े किए सवाल, पेपरलीक और भ्रष्टाचार से मुक्त भर्ती की मांग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने की योगी सरकार की घोषणा पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस ऐलान को चुनाव से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि कहीं यह सिर्फ चुनावी कदम बनकर न रह जाए। मायावती ने कहा कि सरकार यदि वास्तव में युवाओं को रोजगार देना चाहती है तो नियुक्तियां पेपरलीक और भ्रष्टाचार से पूरी तरह मुक्त होनी चाहिए।
‘चुनाव तक नौकरी देने का ऐलान’
मायावती ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि अगले छह महीने यानी विधानसभा चुनाव तक एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने की घोषणा देर से उठाया गया सही कदम है, लेकिन यह अधिक चुनावी कदम प्रतीत होता है। उन्होंने सरकार से नियुक्तियों की प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरी करने की मांग की, ताकि यह घोषणा चुनावी छलावा साबित न हो।
बसपा सुप्रीमो ने एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के आरक्षित पदों के बैकलॉग पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि इन वर्गों के रिक्त आरक्षित पदों पर भर्ती को लेकर भी सरकार की घोषणा का लोगों को इंतजार है।
6,800 अभ्यर्थियों का मुद्दा उठाया
मायावती ने 69,000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण नियमों को लेकर आंदोलन कर रहे 6,800 अभ्यर्थियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि ये अभ्यर्थी लगातार आंदोलन कर रहे हैं और सरकार को उनके मामले में पूरी सहानुभूति के साथ विचार करना चाहिए। मायावती के मुताबिक, इन अभ्यर्थियों को वास्तविक राहत सरकार ही दे सकती है।
30 हजार स्कूलों का भी जिक्र
मायावती ने प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बसपा लंबे समय से सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति सुधारने की मांग करती रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में करीब 30 हजार सरकारी स्कूल बंद किए गए हैं और सरकार को इन्हें दोबारा बेहतर तरीके से सक्रिय करने की दिशा में तत्काल कदम उठाना चाहिए।
मुफ्त बस यात्रा से आगे महिलाओं की सुरक्षा पर जोर
बुजुर्ग महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की व्यवस्था पर भी मायावती ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऐसी सुविधाओं से अधिक जरूरी महिलाओं को शोषण, अत्याचार और उत्पीड़न से बचाना है। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए सरकारों को ठोस नीति और सही नीयत के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल सुविधाएं नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल भी मिलना जरूरी है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
