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MP Farmers' Protest Live: : उग्र किसानों ने सरकार को दिया अल्टीमेटम, शाम 5 बजे के बाद तय करेंगे आगे की रणनीति, सरकार ने बाचतीत के लिए बनाई कमेटी

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 29, 2026
06:20 AM
उग्र किसानों ने सरकार को दिया अल्टीमेटम, शाम 5 बजे के बाद तय करेंगे आगे की रणनीति, सरकार ने बाचतीत के लिए बनाई कमेटी

भोपाल। मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर मूंग की पूरी उपज खरीदने की मांग को लेकर किसानों उग्र प्रदर्शन जारी है। नर्मदापुरम से पैदल मार्च करते हुए हजारों किसान राजधानी पहुंच गए हैं। अब वे सीएम हाउस कूच करने की तैयारी में जुट हुए हैं। हालांकि मप्र की मोहन सरकार ने किसानों से बातचीत के लिए 4 मंत्रियों की कमेटी का गठन कर दिया है। इसके बाद भी आंदोलित किसान मानने के लिए तैयार नहीं है। इतना ही नहीं किसानों ने सरकार को निर्णय लेने के लिए शाम 5 बजे तक का अल्टीमेटम भी दे दिया है। इसके बाद वे आगे की रणनीति तय करेंगे।

भोपाल में मुख्यमंत्री निवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है क्योंकि किसान बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ गए हैं। किसानों का कहना है कि हम अपनी मांगे मनवा कर ही जाएंगे। सरकार ने पुलिस लगाकर रखी है। किसानों का कहना है कि जो रास्ता उचित लगेगा, वो लोग उस रास्ते जाएंगे।

पांच मांगों पर दिया अल्टीमेटम

मूंग की 100% खरीदी हो, MSP की कानूनी गारंटी मिले, खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील रद्द की जाए और किसानों को दी गई मोदी की गारंटी पूरी की जाए। ये किसानों की पांच प्रमुख मांगें हैं। इन्हीं मांगों को लेकर किसानों ने 'किसान क्रांति पदयात्रा' का शंखनाद करते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया है।

मुख्यमंत्री आवास तक मार्च की तैयारी

आंदोलनरत किसानों ने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने की घोषणा की है। किसानों का कहना है कि उनकी प्रमुख मांग मूंग की पूरी फसल की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीदी सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही ई-टोकन व्यवस्था में सुधार अथवा इसे समाप्त करने और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने की भी मांग की जा रही है। किसानों का कहना है कि जब तक सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

बैरिकेडिंग भी नहीं रोक सकी किसानों का काफिला

भोपाल पहुंचने से पहले पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर किसानों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे। मंगलवार रात किसान राजधानी के बाहरी क्षेत्रों तक पहुंच गए, जहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। इसके बावजूद किसानों का काफिला आगे बढ़ता रहा और उन्होंने सावरकर सेतु के पास डेरा डाल दिया। आंदोलन को देखते हुए प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

राशन और जरूरी सामान के साथ पहुंचे किसान

आंदोलन को लंबा चलाने की तैयारी के साथ किसान भोपाल पहुंचे हैं। उनके साथ अनाज की बोरियां, बिस्तर, खाना बनाने के बर्तन और करीब एक सप्ताह तक चलने वाला राशन भी है। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार पर दबाव बनाने के लिए लंबे संघर्ष की तैयारी की गई है और मांगें पूरी होने तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा।

केंद्र से खरीदी लक्ष्य बढ़ाने की मांग

राज्य के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चैहान को पत्र लिखकर मूंग खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने का आग्रह किया है। पत्र में बताया गया है कि 14 मई से 3 जुलाई 2026 के बीच प्रदेश में लगभग 8.06 लाख मीट्रिक टन मूंग का उत्पादन हुआ, जबकि वर्तमान में केवल 4.54 लाख मीट्रिक टन खरीदी का लक्ष्य निर्धारित है। सरकार का कहना है कि यदि लक्ष्य नहीं बढ़ाया गया तो बड़ी संख्या में किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ लेने से वंचित रह जाएंगे।

किसान बीते कई दिनों से सरकार के सामने अपनी मांग रख रहे हैं. (Photo- Screengrab)

प्रदेश में रिकॉर्ड उत्पादन बना चुनौती

कृषि मंत्री ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि इस वर्ष औसत उत्पादकता बढ़ने से मूंग का उत्पादन अनुमान से कहीं अधिक हुआ है। इसी कारण केंद्र सरकार से खरीदी का लक्ष्य बढ़ाकर 8 लाख मीट्रिक टन करने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक 4.19 लाख मीट्रिक टन मूंग की खरीदी हो चुकी है और मौजूदा गति को देखते हुए निर्धारित लक्ष्य जल्द पूरा होने की संभावना है।

देश के उत्पादन में मध्य प्रदेश की बड़ी हिस्सेदारी

राज्य सरकार ने केंद्र को भेजे पत्र में यह भी कहा है कि देश के कुल मूंग उत्पादन में मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है। ऐसे में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए खरीदी सीमा बढ़ाना जरूरी है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिल सके।

सरकार ने दिया भरोसा, किसान फैसले के इंतजार में

आंदोलन से पहले कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने मंत्रालय में किसान प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मूंग खरीदी और खाद वितरण सहित सभी मुद्दों पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है। हालांकि किसान नेताओं का कहना है कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित और ठोस निर्णय चाहिए। इसी वजह से राजधानी में उनका आंदोलन लगातार जारी है।

लाइव अपडेट

09:13 AM29 Jul 2026

इन इलाकों के लिए भी वैकल्पिक रास्ते

मिसरोद गांव और भोपाल विश्वविद्यालय के बीच की कॉलोनियों में रहने वाले लोग बावड़िया ब्रिज से दानापानी, रोहित नगर, शाहपुरा, बाबा नगर, चुनाभट्टी अथवा मनीषा मार्केट होकर आवागमन कर सकते हैं। मिसरोद क्षेत्र के निवासी मिसरोद चौराहे से सलेैया होकर कोलार और चुनाभट्टी की ओर जा सकेंगे। बागसेवनिया चौराहे से बागमुगालिया, कुबेर डेयरी, एम्स अस्पताल, अटल कुंज डीआरएम ऑफिस और हबीबगंज चौराहे से आईएसबीटी तिराहा होकर शहर में आने-जाने की व्यवस्था रहेगी। आईएसबीटी समेत अन्य स्थानों से चलने वाली बसें प्रभात चौराहा, पिपलानी चौराहा और पटेल नगर चौराहे से बायपास होकर नर्मदापुरम, बैतूल और जबलपुर की ओर जा सकेंगी।

07:48 AM29 Jul 2026

किसान आंदोलन का असर! भोपाल में स्कूल बंद,

किसान आंदोलन के चलते राजधानी भोपाल में बुधवार, 29 जुलाई 2026 को कई निजी स्कूलों ने छात्रों के लिए अवकाश घोषित कर दिया। प्रशासन ने यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए यह कदम उठाया, ताकि छात्रों और अभिभावकों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

सुबह 5 बजे से अभिभावकों को मिलने लगे संदेश

कई स्कूलों ने सुबह करीब 5 बजे से ही अभिभावकों को मैसेज भेजकर जानकारी दी कि बुधवार को विद्यार्थियों के लिए कक्षाएं संचालित नहीं होंगी। अचानक छुट्टी की सूचना मिलने से कई परिवारों को परेशानी भी हुई।

नर्मदापुरम रोड, कटारा हिल्स, एमपी नगर समेत शहर के कई इलाकों में स्थित निजी स्कूलों ने अवकाश घोषित किया। कुछ अभिभावक संदेश मिलने से पहले ही बच्चों को लेकर स्कूल पहुंच गए थे, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्हें छुट्टी की जानकारी मिली और बच्चों को वापस घर लौटना पड़ा।

प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधा को बताया वजह

अपर कलेक्टर सुमित पाण्डेय ने बताया कि किसान आंदोलन और संभावित यातायात व्यवधान को देखते हुए स्कूलों में अवकाश का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य विद्यार्थियों और अभिभावकों को किसी भी तरह की असुविधा से बचाना है।

किसान आंदोलन के कारण शहर में यातायात व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका के बीच प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

07:13 AM29 Jul 2026

पीसीसी चीफ पर कंसाना ने बोला तीखा हमला

'हमेशा झूठ बोलती है कांग्रेस', दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी के आरोपों पर  बोले प्रदेश के कृषि मंत्री

कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी किसानों को भड़काकर भोपाल की व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की आड़ में राजनीति करना उचित नहीं है और कांग्रेस को किसानों के नाम पर प्रदेश में अशांति फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कंसाना ने कहा कि समस्याओं का समाधान विवाद नहीं, बल्कि आपसी संवाद से होता है और राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाती रहेगी।

06:54 AM29 Jul 2026

जीतू पटवारी का सरकार पर निशाना, वादा खिलाफी लगाया आरोप

5 हजार किसानों का भोपाल में डेरा : जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा; मूंग खरीद, एमएसपी और खाद संकट पर दागे सवाल

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने किसानों के आंदोलन को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर दावा किया कि नर्मदापुरम के बरखेड़ा से शुरू हुई किसान क्रांति पदयात्रा औबेदुल्लागंज, मंडीदीप और 11 मील होते हुए भोपाल पहुंच गई है। उनके अनुसार, पांच हजार से अधिक किसान राजधानी की सड़कों पर मौजूद हैं और मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच कर रहे हैं। पटवारी ने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक को किसानों की मांगों की जानकारी होनी चाहिए और सरकार को इन समस्याओं का जल्द समाधान करना चाहिए।

पटवारी ने सरकार पर किसानों से किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने किसानों की प्रमुख मांगों में मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीद, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता, अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील रद्द करने तथा किसानों से किए गए सभी वादों को पूरा करने की मांग शामिल बताई।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को संबोधित करते हुए पटवारी ने कहा कि सरकार अहंकार छोड़कर किसानों की आवाज सुने, क्योंकि किसान अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करने को मजबूर हैं। उधर, भोपाल में किसानों के प्रदर्शन के चलते मंगलवार को कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा। प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया और आवश्यक प्रबंधन के इंतजाम किए।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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