केट क्रॉस ने क्रिकेट करियर पर लगाया विराम : 34 की उम्र में खत्म होगा शानदार सफर, वनडे में 101 विकेट लेकर बनाई खास पहचान

लंदन। इंग्लैंड की अनुभवी तेज गेंदबाज केट क्रॉस ने अपने शानदार क्रिकेट करियर को अलविदा कहने का फैसला किया है। 34 वर्षीय क्रॉस मौजूदा इंग्लिश सीजन के बाद पेशेवर क्रिकेट से संन्यास लेंगी। तीनों फॉर्मेट में इंग्लैंड की जर्सी पहनकर 102 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुकीं क्रॉस ने अपनी धारदार गेंदबाजी से लंबे समय तक टीम को मजबूती दी। वनडे क्रिकेट में उनके नाम 101 विकेट दर्ज हैं। हालांकि हाल के समय में वह इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रही थीं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनकी मौजूदगी बनी रही। अब इस फैसले के साथ उनके लंबे और यादगार क्रिकेट सफर का अंतिम अध्याय शुरू हो गया है।
क्रॉस ने सोशल मीडिया के जरिए अपने फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि क्रिकेट उनकी जिंदगी का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। उन्होंने इस खेल को अपनी पहचान और व्यक्तित्व को आकार देने वाला बताया। उनके मुताबिक, पसंदीदा खेल को पेशेवर स्तर पर खेलने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात रही और क्रिकेट से जुड़ी यादें उनके करियर की सबसे बड़ी पूंजी हैं।
13 साल की उम्र में थामा था क्रिकेट का बल्ला
केट क्रॉस का क्रिकेट सफर बेहद कम उम्र में शुरू हो गया था। महज 13 साल की उम्र में वह लंकाशायर की जूनियर टीम का हिस्सा बनीं। इसके बाद 2005 में उन्होंने लंकाशायर की सीनियर टीम में कदम रखा। घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन के दम पर वह इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम के दरवाजे तक पहुंचीं। 2011 की एशेज सीरीज के लिए उन्हें पहली बार इंग्लैंड की टीम में शामिल किया गया, हालांकि अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के लिए उन्हें दो साल और इंतजार करना पड़ा।
डेब्यू मैच में ही मचाया धमाल
2013 में वेस्टइंडीज दौरे पर क्रॉस ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में पदार्पण किया। इसी दौरे पर उन्होंने वनडे डेब्यू भी किया और बारबाडोस में शानदार गेंदबाजी करते हुए 51 रन देकर चार विकेट झटके। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
टेस्ट क्रिकेट में भी छोड़ी अमिट छाप
2014 एशेज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ टेस्ट से क्रॉस ने टेस्ट क्रिकेट में कदम रखा। डेब्यू मुकाबले की दोनों पारियों में उन्होंने तीन-तीन विकेट हासिल किए और इंग्लैंड की जीत में अहम योगदान दिया। 2015 में न्यूजीलैंड के खिलाफ लिंकन टेस्ट में उन्होंने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए सिर्फ 24 रन देकर पांच विकेट लिए।
वनडे में 101 विकेट का शानदार रिकॉर्ड
क्रॉस का वनडे करियर सबसे प्रभावशाली रहा। उन्होंने 76 वनडे मुकाबलों में 101 विकेट अपने नाम किए। टेस्ट में उनके खाते में 25 और टी20 इंटरनेशनल में 14 विकेट रहे।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा उन्होंने महिला बिग बैश लीग में ब्रिस्बेन हीट का प्रतिनिधित्व किया। 2019 में उन्हें म्ब्ठ का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट मिला और द हंड्रेड में मैनचेस्टर ओरिजिनल्स की कप्तानी भी की। हाल में वह सनराइजर्स लीड्स के लिए मैदान पर लौटी थीं। अब उनका आखिरी घरेलू सीजन उनके लंबे और यादगार क्रिकेट सफर का अंतिम अध्याय होगा।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
