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छत्तीसगढ़ राजनांदगांव : पद्मश्री से सम्मानित फूलबासन बाई के अपहरण की सनसनीखेज कोशिश का मामला सामने आया है, तीन आरोपी गिरफ्तार

नीलम अहिरवार

नीलम अहिरवार

May 06, 2026
09:48 AM
पद्मश्री से सम्मानित फूलबासन बाई के अपहरण की सनसनीखेज कोशिश का मामला सामने आया है, तीन आरोपी गिरफ्तार

राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ की शान और पद्मश्री से सम्मानित फूलबासन बाई के अपहरण की एक सनसनीखेज कोशिश का मामला सामने आया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना में शामिल बेमेतरा की दो महिलाओं और कार सवार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में पद्मश्री सम्मानित समाजसेवी फूलबासन बाई यादव के अपहरण की कोशिश से हड़कंप मच गया। मंगलवार सुबह एक महिला समेत 4 आरोपी फोटो और बर्थडे सेलिब्रेशन के बहाने उन्हें घर से बाहर बुलाकर कार में बैठा ले गए। चलती कार में आरोपियों ने उनके हाथ-पैर बांध दिए और मुंह पर गमछा बांधकर खैरागढ़ की ओर भागने लगे। लेकिन चिखली चौकी के पास रूटीन चेकिंग के दौरान पुलिस ने कार रोक ली। आरोपियों ने बीमारी का बहाना बनाया, लेकिन पुलिसकर्मी ने फूलबासन बाई को पहचान लिया और साजिश बेनकाब हो गई.

कैसे दिया घटना को अंजाम

यह घटना सुकुलदैहान क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, चार लोग- दो महिलाएं और दो पुरुष फूलबासन बाई यादव के घर पहुंचे। बताया जा रहा है कि ये लोग पहले से उनके परिचित थे। आरोप है कि पहले उन्होंने सामान्य बातचीत की। फिर एक दिव्यांग व्यक्ति से मिलने और फोटो लेने का बहाना बनाकर उन्हें घर से बाहर कार तक ले गए। जैसे ही वे कार के पास पहुंचीं, आरोपियों ने उन्हें जबरदस्ती गाड़ी में बैठा लिया। बताया जा रहा है कि कार के अंदर उनके हाथ-पैर पकड़ लिए गए और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया, ताकि वे शोर न मचा सकें। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने फूलबासन बाई के हाथ बांध दिए और कपड़े से उनका मुंह भी बंद कर दिया. इसी दौरान राजनांदगांव-खैरागढ़ मार्ग पर चिखली पुलिस चौकी के पास ट्रैफिक पुलिस की नियमित जांच चल रही थी. जांच के दौरान पुलिसकर्मियों को कार में बैठी महिला की स्थिति संदिग्ध लगी.आरोपियों ने पुलिस को यह कहकर गुमराह करने की कोशिश की कि महिला मिर्गी की मरीज है, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद एक पुलिसकर्मी ने फूलबासन बाई यादव को पहचान लिया. इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार को कब्जे में लेकर तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया. गिरफ्तार आरोपियों में दो महिलाएं और एक पुरुष कार ड्राइवर शामिल है. सभी को पूछताछ के लिए पुलिस चौकी लाया गया, जहां पूरे मामले का खुलासा हुआ.राजनांदगांव के नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर किरो ने बताया कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि मुख्य आरोपी महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई थी और पिछले कई महीनों से फूलबासन बाई यादव के संपर्क में थी.फूलबासन ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से करीब दो लाख महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम किया है. साल 2012 में उन्हें समाज सेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए केंद्र सरकार की ओर से पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया था.

नीलम अहिरवार
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नीलम अहिरवार

17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।

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