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छत्तीसगढ़ : जनगणना 2027 की तैयारी पूरी, 62,500 कर्मियों की लगी ड्यूटी

नीलम अहिरवार

नीलम अहिरवार

Apr 13, 2026
11:38 AM
जनगणना 2027 की तैयारी पूरी, 62,500 कर्मियों की लगी ड्यूटी

छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ और जनगणना कार्य निदेशक कार्तिकेय गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इस जनगणना अभियान की विस्तृत जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि जनगणना देश का सबसे बड़ा सर्वेक्षण होगा और आजादी के बाद यह आठवीं जनगणना होगी…. छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 का  पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा.‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस’के तहत हर परिवार. मकान और  बुनियादी सुविधाओं का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा. प्रगणक घर जाकर जनगणना के 33 प्रश्न पूछेंगे. इस महाअभियान को सफल बनाने के लिए राज्य में 62,500 कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है. इनमें 47 प्रमुख जनगणना अधिकारी, 250 जिला स्तरीय अधिकारी और 472 चार्ज ऑफिसर्स शामिल हैं.

62,500 कर्मियों की ड्यूटी पर

प्रदेश में जनगणना के लिए 62,500 अफसर-कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है. -इसमें 47 जनगणना अधिकारी, 250 जिला स्तर के अधिकारी होंगे. 472 चार्ज अधिकारी, 1160 मास्टर ट्रेनर्स, 51300 प्रगणक होंगे. इसके अलावा 9000 पर्यवेक्षकों की भी गणना के लिए ड्यूटी लगाई गई है. ये जनगणना 33 जिलों, 195 नगरीय निकायों, 252 तहसीलों और 19978 गांवों में की जाएगी. इस बार की जनगणना की सबसे खास बात यह है कि लोगों को पहली बार स्व-गणना की सुविधा दी जा रही है. 16 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच नागरिक स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं.


छत्तीसगढ़ के जनगणना निदेशक कार्तिकेय गोयल ने प्रेस कॉफ्रेंस के दौरान बताया कि जनगणना बहुत ही खास मानी जा रही है, क्योंकि यह पूरी तरह से डिजिटल होगी. पहली बार डेटा मोबाइल के माध्यम से दर्ज किया जाएगा. इसकी निगरानी भी डिजिटल सिस्टम से की जाएगी. प्रत्येक प्रगणक को अधिकतम 800 व्यक्तियों और 180 मकानों का सर्वे करने की जिम्मेदारी दी गई है.इस जानकारी को गोपनीय रखा जाएगा…सरकार का दावा है कि इस बार की जनगणना तकनीकी रूप से अधिक सटीक, पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक होगी, जिससे विकास योजनाओं को और बेहतर तरीके से लागू किया जा. बता दें कि यह जनगणना स्वतंत्रता के बाद 8वीं और देश की 16वीं जनगणना होगी. यह पिछली बार 2011 में हुई थी.वहीं अधिकारियों का कहना है कि हर व्यक्ति को अपनी सही जानकारी देनी चाहिए..क्योंकि इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य की योजनाएं अधिक प्रभावी एवं समावेशी बनाई जाती हैं.


नीलम अहिरवार
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नीलम अहिरवार

17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।

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