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धमतरी : क्या अल-नीनो बढ़ाएगा जल संकट? जानिए गंगरेल समेत 4 बांधों में कितना बचा है पानी

नीलम अहिरवार

नीलम अहिरवार

Jun 04, 2026
11:30 AM
क्या अल-नीनो बढ़ाएगा जल संकट? जानिए गंगरेल समेत 4 बांधों में कितना बचा है पानी

धमतरी से शमशाद खान

धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित गंगरेल सहित चार प्रमुख बांधों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है ऐसे में मौसम विभाग लगातार असामान्य मानसून और अल-नीनो के प्रभाव को लेकर चेतावनी दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अल-नीनो का असर बढ़ता है तो कई क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग की चेतावनी क्यों महत्वपूर्ण?

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले वर्षों में मौसम विभाग की अधिकांश भविष्यवाणियां काफी हद तक सटीक साबित हुई हैं। इस बार मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने और अरब सागर में बढ़ती गर्मी के कारण अल-नीनो प्रभाव की आशंका जताई जा रही है। अल-नीनो की स्थिति बनने पर वर्षा में कमी और सूखे जैसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं।

5 जिलों की जीवनरेखा हैं धमतरी के 4 बांध

धमतरी जिले के गंगरेल, मुरुमसिल्ली, दुधावा और सोंढुर बांध केवल धमतरी ही नहीं बल्कि रायपुर, बलौदाबाजार, बालोद और महासमुंद जिलों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं।

इन बांधों के पानी का उपयोग:

  • सिंचाई के लिए

  • निस्तारी कार्यों के लिए

  • पेयजल आपूर्ति के लिए

  • औद्योगिक उपयोग के लिए किया जाता है

रायपुर, धमतरी और भिलाई शहरों की पेयजल आपूर्ति भी काफी हद तक गंगरेल जलाशय पर निर्भर है।

सालभर में कितना पानी खर्च होता है?

चारों बांधों से हर वर्ष लगभग:

  • 15 टीएमसी पानी सिंचाई के लिए

  • 7 टीएमसी पानी निस्तारी के लिए

  • 3 टीएमसी पानी पेयजल के लिए

  • 3 टीएमसी पानी भिलाई स्टील प्लांट के लिए

यानी कुल मिलाकर करीब 28 टीएमसी पानी का उपयोग निर्धारित है।

3 जून 2026 को बांधों की स्थिति

वर्तमान जल भंडारण के अनुसार:

  • गंगरेल बांध – 45.3%

  • मुरुमसिल्ली बांध – 82%

  • दुधावा बांध – 77%

  • सोंढुर बांध – 62%

चारों बांधों की कुल संग्रहण क्षमता लगभग 45 टीएमसी है। वर्तमान में इनमें करीब 20 टीएमसी पानी उपलब्ध बताया जा रहा है।

क्या बन सकता है जल संकट?

सामान्य परिस्थितियों में मानसून के दौरान अगस्त तक जलाशयों का भंडारण बढ़कर लगभग 45 टीएमसी तक पहुंच जाता है। लेकिन यदि अल-नीनो के कारण बारिश सामान्य से कम होती है तो जल भंडारण अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाएगा, जिससे सिंचाई और जल आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है।

प्रशासन क्या कह रहा है?

धमतरी कलेक्टर का कहना है कि फिलहाल चारों बांधों में पर्याप्त पानी उपलब्ध है और वर्तमान स्थिति में सिंचाई, निस्तारी तथा पेयजल आपूर्ति को लेकर किसी तरह की चिंता नहीं है। हालांकि प्रशासन मानसून की प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए है। अभी स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन मानसून का प्रदर्शन आने वाले महीनों में तय करेगा कि छत्तीसगढ़ को जल संकट की चुनौती का सामना करना पड़ेगा या नहीं। फिलहाल गंगरेल समेत चारों बांध राज्य के लाखों लोगों और हजारों किसानों के लिए भरोसे का सबसे बड़ा आधार बने हुए हैं।

नीलम अहिरवार
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नीलम अहिरवार

17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।

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