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हर चीज़ पर सवाल, और हमारी हर खुशी पर तंज” : अनुपम खेर का वायरल वीडियो और भारतीयों पर बनी धारणाओं पर तीखा जवाब

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 19, 2026
08:11 AM
अनुपम खेर का वायरल वीडियो और भारतीयों पर बनी धारणाओं पर तीखा जवाब

मुंबई।अभिनेता अनुपम खेर का एक पुराना लेकिन फिर से वायरल हो रहा वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें वे भारतीयों को लेकर देश-विदेश में प्रचलित रूढ़ियों और गलत धारणाओं पर करारा जवाब देते नजर आते हैं। वीडियो में खेर भावनात्मक और व्यंग्यात्मक अंदाज़ में बताते हैं कि कैसे भारतीयों की उपलब्धियों और व्यवहार को अक्सर गलत नजरिए से देखा जाता है।

“सिविक सेंस नहीं, लेकिन जश्न मनाने पर भी सवाल”

अनुपम खेर कहते हैं कि भारतीयों पर अक्सर “सिविक सेंस की कमी” का आरोप लगाया जाता है, जबकि दुनिया के कई हिस्सों में जीत के बाद हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी जैसी घटनाओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है। वहीं, अगर कोई भारतीय अपनी खुशी जाहिर करता है—जैसे एयरपोर्ट पर डांस करना या उत्सव मनाना—तो उसे भी आलोचना का सामना करना पड़ता है।

“नौकरियां छीनने का आरोप और मेहनत की अनदेखी”

वीडियो में खेर एक और आम धारणा पर बात करते हैं कि भारतीय विदेशों में जाकर “नौकरियां छीन लेते हैं।” वे कहते हैं कि सच्चाई यह है कि भारतीय छात्र और पेशेवर कड़ी मेहनत, पढ़ाई और लंबे समय तक काम करके वैश्विक मंच पर अपनी जगह बनाते हैं। इसके बावजूद उन्हें अक्सर नकारात्मक रूप में देखा जाता है।

“हम हर जगह हैं, फिर भी समस्या क्यों?”

अनुपम खेर यह भी कहते हैं कि भारतीय दुनिया भर में डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, टैक्सी ड्राइवर और तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में योगदान दे रहे हैं, लेकिन उनकी उपस्थिति को कई बार समस्या के रूप में देखा जाता है।

“शोर, संस्कृति और पहचान पर सवाल”

अभिनेता के अनुसार भारतीयों को कभी “बहुत शोर करने वाला” कहा जाता है, तो कभी उनकी संस्कृति पर सवाल उठाए जाते हैं। वे तर्क देते हैं कि भारत एक प्राचीन सभ्यता है जिसने योग, गणित, दर्शन और “वसुधैव कुटुंबकम्” जैसे विचार दुनिया को दिए हैं, फिर भी अक्सर उसकी सांस्कृतिक पहचान को कमतर आंका जाता है।

“भारतीय होने पर गर्व का संदेश”

अनुपम खेर ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि यह वीडियो किसी को जवाब देने के लिए नहीं, बल्कि भारतीय होने की विविधता और जटिलता को समझने के लिए है। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज भावुक, विविध और परंपराओं से जुड़ा हुआ है, और इसी विविधता में उसकी ताकत छिपी है। वीडियो के अंत में उन्होंने इसे भारतीय पहचान और उपलब्धियों का एक छोटा उत्सव बताया।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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