शुक्रवार, 19 जून 202609:11:07 PM
Download App
Home/देश

अगर योग्य नहीं तो छोड़ दूंगा पद : बैकफुट पर उद्धव, भाजपा-शिंदे गुट और बागियों को रखा निशाने पर, कांग्रेस में विलय की अटकलें भी खारिज

admin

admin

Jun 19, 2026
05:37 PM
बैकफुट पर उद्धव, भाजपा-शिंदे गुट और बागियों को रखा निशाने पर, कांग्रेस में विलय की अटकलें भी खारिज

नई दिल्ली। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के 60वें स्थापना दिवस समारोह में पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने भाषण के दौरान बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को कभी लगे कि वह शिवसेना प्रमुख की जिम्मेदारी निभाने के लिए उपयुक्त नहीं हैं, तो वह तुरंत पद छोडऩे के लिए तैयार हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह संघर्ष से पीछे हटने वाले नहीं हैं और पार्टी के लिए लड़ाई जारी रखेंगे।

उद्धव ठाकरे ने अपने संबोधन में भाजपा, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट और पार्टी छोडऩे वाले नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि गद्दारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए किसी आदेश का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। उनका कहना था कि बालासाहेब ठाकरे पहले ही विश्वासघात करने वालों के खिलाफ अपना रुख स्पष्ट कर चुके थे।

उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग यह मानकर चल रहे थे कि शिवसेना के विभाजन और राजनीतिक संकट के बाद उनका मनोबल टूट जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं होने वाला। उन्होंने कहा कि शिवसेना हर चुनौती का मुकाबला करेगी और संगठन को पहले से अधिक मजबूत बनाया जाएगा।

ऑपरेशन कमल का जवाब ऑपरेशन तोड़वा से देने की चेतावनी

उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर विपक्षी नेताओं को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि ऑपरेशन कमल जैसी राजनीतिक रणनीतियां जारी रहीं तो उनका जवाब "ऑपरेशन तोड़वा" से दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है और विपक्षी उम्मीदवारों के लिए चुनाव लडऩा भी कठिन बनाया जा रहा है।

भाजपा को दी चेतावनी

उन्होंने भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा कि युवाओं की ताकत को कम करके नहीं आंका जाना चाहिए। उनके अनुसार, देश में बड़े परिवर्तन हमेशा युवाओं ने ही किए हैं और भविष्य में भी वही निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

उद्धव ने पार्टी छोड़कर दूसरे दलों में जाने वाले सांसदों और विधायकों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं और जनता ने उन्हें जिताने के लिए मेहनत की थी, इसलिए मतदाताओं को उनसे जवाब मांगने का पूरा अधिकार है।

कांग्रेस में विलय का सवाल ही नहीं

कांग्रेस के साथ संबंधों पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना का कांग्रेस में विलय होने का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी की स्थापना मराठी अस्मिता और हिंदुत्व की रक्षा के लिए हुई थी और उसकी स्वतंत्र पहचान कायम रहेगी। साथ ही उन्होंने दावा किया कि भाजपा की राजनीतिक स्थिति ऐसी बनती जा रही है कि भविष्य में उसे ही शिंदे गुट पर निर्भर होना पड़ सकता है।

admin
Written By

admin

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें