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इंडियन आर्मी की तैयारियों को बड़ा बूस्ट : अपाचे और एम777 और होंगे खतरनाक, अमेरिका ने 482.2 मिलियन डॉलर सपोर्ट पैकेज को दी मंजूरी

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 22, 2026
07:58 AM
अपाचे और एम777 और होंगे खतरनाक, अमेरिका ने 482.2 मिलियन डॉलर सपोर्ट पैकेज को दी मंजूरी

नई दिल्ली। भारत की सैन्य ताकत को और मजबूत करने की दिशा में बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अमेरिका ने भारतीय सशस्त्र बलों के लिए लगभग 482.2 मिलियन डॉल (करीब 4,000 करोड़ रुपये) के रखरखाव और तकनीकी सहायता पैकेज को औपचारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले से भारतीय सेना के अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर और एम777ए2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर तोपों की परिचालन क्षमता और युद्धक तैयारियां और बेहतर होंगी।

अमेरिकी रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (डीएससीए), जो विदेशी सैन्य बिक्री (एफएमएस) कार्यक्रम का संचालन करती है, ने इस प्रस्तावित सौदे की अधिसूचना फेडरल रजिस्टर में जारी कर दी है। इससे पहले अमेरिकी विदेश विभाग ने इस संभावित बिक्री की जानकारी अमेरिकी कांग्रेस को भी दी थी। यह पैकेज भारत की सैन्य प्रणालियों के दीर्घकालिक रखरखाव, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता को मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

एम777 हॉवित्जर तोपों को मिलेगा व्यापक तकनीकी सहयोग

भारत ने एम777ए2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर तोपों के लिए दीर्घकालिक रखरखाव और तकनीकी सहायता की मांग की थी। इसके तहत स्पेयर पार्ट्स, सहायक उपकरण, मरम्मत सेवाएं, तकनीकी प्रशिक्षण, फील्ड सर्विस प्रतिनिधि, डिपो स्तर की क्षमताएं और अन्य लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस सपोर्ट पैकेज की अनुमानित लागत करीब 230 मिलियन डॉलर बताई गई है। एम777 तोपों का इस्तेमाल विशेष रूप से पहाड़ी और ऊंचाई वाले इलाकों में सेना की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाता है।

अपाचे हेलीकॉप्टरों की क्षमता भी होगी मजबूत

अमेरिका ने भारत के एएच-64ई अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों के लिए भी लगभग 198.2 मिलियन डॉलर के रखरखाव और तकनीकी सहायता पैकेज को मंजूरी दी है। इसमें इंजीनियरिंग सहायता, तकनीकी दस्तावेज, कर्मियों का प्रशिक्षण, लॉजिस्टिक सपोर्ट और अन्य कार्यक्रम संबंधी सेवाएं शामिल हैं। इस परियोजना में अमेरिकी कंपनियां बोइंग और लॉकहीड मार्टिन प्रमुख भूमिका निभाएंगी।

रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा नया आयाम

अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा है कि यह सौदा अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों के अनुरूप है और इससे भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी। विभाग के मुताबिक, यह पैकेज भारत की मौजूदा और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की क्षमता को बढ़ाएगा, घरेलू सुरक्षा को मजबूत करेगा और क्षेत्रीय खतरों को रोकने में मदद करेगा।

सेना की तैयारियों को मिलेगा बड़ा फायदा

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मंजूरी केवल सैन्य उपकरणों के रखरखाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय सेना की दीर्घकालिक युद्धक क्षमता, त्वरित तैनाती और परिचालन दक्षता को भी मजबूत करेगी। ऐसे समय में जब भारत अपनी सीमाओं पर लगातार सतर्कता बनाए हुए है, यह फैसला देश की रक्षा तैयारियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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