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कीमती धातुओं की चमक हुई फीकी : वैश्विक दबाव का असर, सोना हुआ धड़ाम, चांदी के भी भाव हुए कम

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 19, 2026
07:34 AM
वैश्विक दबाव का असर, सोना हुआ धड़ाम, चांदी के भी भाव हुए कम

मुंबई। वैश्विक बाजारों में कमजोरी के बीच बुधवार को घरेलू सर्राफा और वायदा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट देखने को मिली। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और मजबूत डॉलर के दबाव ने कीमती धातुओं की चमक फीकी कर दी। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोना 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे फिसल गया, जबकि चांदी भी 2.30 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर से नीचे आ गई।

चांदी में सबसे बड़ी गिरावट

एमसीएक्स पर सितंबर डिलीवरी वाली चांदी पिछले बंद भाव 2,32,419 रुपये से गिरकर 2,27,931 रुपये प्रति किलोग्राम के निचले स्तर तक पहुंच गई। कारोबार के दौरान इसमें 4,488 रुपये यानी 1.93 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बाद में चांदी 3,734 रुपये यानी 1.61 प्रतिशत नीचे 2,28,685 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई।

सोना भी 1.54 लाख के नीचे

अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना भी दबाव में रहा। यह पिछले बंद भाव 1,54,262 रुपये से 858 रुपये यानी 0.55 प्रतिशत टूटकर 1,53,404 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर तक पहुंचा। बाद में इसमें 581 रुपये यानी 0.38 प्रतिशत की गिरावट रही और भाव 1,53,681 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बनी बड़ी चुनौती

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड सोने-चांदी के लिए प्रमुख दबाव का कारण बनी हुई है। जब बॉन्ड से आकर्षक रिटर्न मिलने लगता है तो बिना ब्याज वाली कीमती धातुओं में निवेश का आकर्षण घट सकता है। मजबूत डॉलर ने भी सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ाया है।

कच्चा तेल और मध्य-पूर्व तनाव पर नजर

कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका बनी हुई है। वहीं मध्य-पूर्व में तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बाजार की दिशा प्रभावित कर रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, ब्याज दरों को लेकर फेडरल रिजर्व के संकेत और भू-राजनीतिक घटनाक्रम सोने-चांदी की अगली चाल तय करेंगे।

निवेशकों के लिए आगे भी उतार-चढ़ाव

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बॉन्ड यील्ड और तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं तो कीमती धातुओं पर दबाव जारी रह सकता है। हालांकि ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ने या वैश्विक तनाव गहराने पर सोना-चांदी फिर सुरक्षित निवेश के तौर पर मजबूत हो सकते हैं।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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