छतरपुर : न्याय नहीं मिला तो आत्मदाह की कोशिश एसपी ऑफिस के बाहर पिता-पुत्र ने डाला पेट्रोल

छतरपुर। मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक पिता और उसके पुत्र ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। दोनों का आरोप है कि डेढ़ साल पहले हुई चोरी की घटना में अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला, जिससे परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाने की कोशिश की। हालांकि मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता के चलते बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के मुताबिक नौगांव निवासी प्रदीप तिवारी अपने पुत्र के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे थे। यहां उन्होंने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। घटना होते ही सुरक्षा में तैनात जवान सक्रिय हो गए और दोनों को रोक लिया। इसके बाद उन्हें समझाइश देकर शांत कराया गया।
पीड़ित प्रदीप तिवारी का कहना है कि करीब डेढ़ वर्ष पूर्व उनके घर में चोरी की वारदात हुई थी। मामले की शिकायत दर्ज कराने और कार्रवाई की मांग को लेकर वे लगातार पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। उनका आरोप है कि कई बार आवेदन देने के बावजूद अब तक मामले का न तो खुलासा हुआ और न ही दोषियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई की गई।
प्रदीप तिवारी ने तत्कालीन थाना प्रभारी सतीश सिंह और जांच अधिकारी एसआई जितेंद्र सोनी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मामले की जांच में लापरवाही बरती गई और उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया।
वहीं पूरे मामले में छतरपुर पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने कहा है कि पीड़ित परिवार द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस घटना ने पुलिस व्यवस्था, लंबित मामलों के निस्तारण और पीड़ितों को समय पर न्याय मिलने की प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि पीड़ित परिवार को आखिर कब तक न्याय मिल पाता है।
नीलम अहिरवार
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