UGC गाइडलाइन,नकल पर लगेगी रोक : परीक्षा केंद्रों पर लगेंगे जैमर,मोबाइल का नेटवर्क नहीं करेगा काम

भोपाल। प्रदेश में अब प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान नकल और तकनीकी गड़बड़ियों पर सख्ती से रोक लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद मध्य प्रदेश में स्कूलों और कॉलेजों के परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाने की व्यवस्था लागू की जा रही है। इस संबंध में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने उच्च शिक्षा विभाग को विस्तृत गाइडलाइन भेजी है, वहीं स्कूल शिक्षा विभाग और तकनीकी शिक्षा विभाग को भी आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
नई व्यवस्था के तहत जिन सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) और मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की परीक्षाएं आयोजित होती हैं, वहां परीक्षा के दौरान मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह बाधित किया जाएगा। इसके लिए परीक्षा केंद्रों पर विशेष जैमर लगाए जाएंगे, ताकि अभ्यर्थी मोबाइल फोन, ब्लूटूथ या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के जरिए किसी भी तरह का संपर्क न कर सकें।
पारदर्शी और सुरक्षित होगी परीक्षा व्यवस्था
अधिकारियों के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में मोबाइल आधारित नकल, ब्लूटूथ डिवाइस के इस्तेमाल और पेपर लीक जैसी घटनाओं ने चिंता बढ़ाई है। कई मामलों में इंटरनेट और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के जरिए परीक्षा की गोपनीयता भंग होने की शिकायतें सामने आई थीं।
इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से जैमर व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। जैमर सक्रिय होने के बाद परीक्षा केंद्र के निर्धारित दायरे में मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह बंद रहेगा, जिससे इंटरनेट आधारित किसी भी प्रकार की अनियमितता पर रोक लगाई जा सकेगी।
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कॉलेज और विश्वविद्यालय परीक्षाओं में भी मिलेगा लाभ
उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की वार्षिक एवं सेमेस्टर परीक्षाओं में भी मोबाइल के जरिए नकल के कई मामले सामने आते रहे हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद विश्वविद्यालय और कॉलेज स्तर की परीक्षाओं में भी जैमर का उपयोग किया जा सकेगा।
इससे परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ेगी और अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
पहले चरण में सैकड़ों केंद्र होंगे शामिल
माध्यमिक शिक्षा मंडल इस दिशा में पहले ही कदम बढ़ा चुका है। इसी वर्ष 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के दौरान प्रदेश के करीब 700 परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए थे, ताकि मोबाइल के जरिए नकल रोकी जा सके। अब स्थायी रूप से स्कूलों और कॉलेजों में जैमर लगाए जाने की योजना पर काम किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस व्यवस्था से न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं बल्कि बोर्ड और विश्वविद्यालय परीक्षाओं की निगरानी भी अधिक प्रभावी हो सकेगी।
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नीरज द्विवेदी
5 साल से ज्यादा का पत्रकारिता अनुभव। टीवी और प्रिंट मीडिया में कलमकारी की है। पॉलिटिकल और पब्लिक कनेक्ट की खबरों में दिलचल्पी। TV27NEWS DIGITAL में एंकरिंग भी कर रहे हैं।
