कटनी में मानवता को शर्मसार करती तस्वीर वायरल : घायल व्यक्ति के परिजनों से वसूले पैसे,साफ कराई एंबुलेंस

कटनी। कटनी जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर सड़क हादसे में घायल युवक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा था, वहीं दूसरी ओर उसकी पत्नी से ड्राइवर एंबुलेंस साफ करवा रहा था ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम करेला के पास हुए एक सड़क हादसे में राहुल बर्मन गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा के जरिए जिला अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर कर दिया। परिजनों को उम्मीद थी कि अब उन्हें समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी, लेकिन जो हुआ उसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया।

आरोप है कि जिला अस्पताल परिसर में मौजूद एंबुलेंस कर्मचारी, जिसका नाम मोहित बताया जा रहा है, उसने अपनी जिम्मेदारी को दरकिनार करते हुए परिजनों के साथ अमानवीय व्यवहार किया। न सिर्फ उसने पैसों की मांग की, बल्कि एंबुलेंस गंदी होने का हवाला देकर मरीज के परिजनों से ही उसे साफ करवाया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक महिला एंबुलेंस को धोने के लिए मजबूर है, जबकि कर्मचारी पास खड़ा होकर यह सब देखता रहता है। जब महिला से इस बारे में पूछा गया, तो उसने ड्राइवर की ओर इशारा करते हुए कहा कि उसी के कहने पर वह गाड़ी साफ कर रही है। यह दृश्य न केवल पीड़ादायक है, बल्कि यह सवाल भी उठाता है कि क्या हमारी संवेदनाएं इतनी कमजोर हो चुकी हैं?

लोगों में भारी आक्रोश
घटना सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या अब अस्पतालों में इलाज के साथ-साथ परिजनों को ऐसी अपमानजनक परिस्थितियों का सामना भी करना पड़ेगा? क्या आपातकालीन सेवाओं का उद्देश्य अब केवल औपचारिकता बनकर रह गया है?
इस मामले पर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अभी तक कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन मीडिया के माध्यम से उन्हें घटना की जानकारी मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि 108 एंबुलेंस प्रभारी को जांच के निर्देश दिए जाएंगे और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना केवल एक व्यक्ति की लापरवाही नहीं, बल्कि उस सोच का आईना है जहां जिम्मेदारी और इंसानियत पीछे छूटती नजर आती है। जरूरत है कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में कोई भी पीड़ित परिवार इस तरह की अमानवीयता का शिकार न बने।
नीरज द्विवेदी
5 साल से ज्यादा का पत्रकारिता अनुभव। टीवी और प्रिंट मीडिया में कलमकारी की है। पॉलिटिकल और पब्लिक कनेक्ट की खबरों में दिलचल्पी। TV27NEWS DIGITAL में एंकरिंग भी कर रहे हैं।
