केरवा डैम से पानी बहने पर NGT सख्त : 15 दिन में रोकने के निर्देश

भोपाल। राजधानी भोपाल के प्रमुख जलस्रोत केरवा डैम को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी NGT ने सख्ती दिखाई है। जलाशय से पानी के बहाव के कारण डैम का जरूरी सर्वे प्रभावित होने पर NGT ने नाराजगी जताई है। ट्रिब्यूनल ने संबंधित अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर पानी के बहाव को रोकने के उपाय करने के निर्देश दिए हैं।

पानी के बहाव से सर्वे पर असर
केरवा डैम में पानी के एक हिस्से से बाहर निकलने के कारण जलाशय का जलस्तर निर्धारित फुल टैंक लेवल (FTL) तक नहीं पहुंच पा रहा है। इसके चलते NGT के निर्देश पर किया जाने वाला ड्रोन सर्वे और ग्राउंड ट्रुथिंग का काम अटक गया है।
15 दिन में व्यवस्था सुधारने के निर्देश
मामले की सुनवाई के दौरान NGT ने पानी के बहाव को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। अधिकारियों को 15 दिन के भीतर समाधान की दिशा में कार्रवाई करने को कहा गया है, ताकि डैम की वास्तविक स्थिति का सर्वे पूरा किया जा सके।

भोपाल के लिए क्यों अहम है केरवा डैम?
केरवा डैम भोपाल की जल व्यवस्था के महत्वपूर्ण स्रोतों में शामिल है। ऐसे में जलाशय के पानी का लगातार बाहर निकलना भविष्य की पेयजल व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा सकता है। हालांकि मौजूदा स्थिति में जल संकट की स्थिति को लेकर अलग-अलग आकलन हो सकते हैं, लेकिन NGT के निर्देश के बाद डैम की स्थिति पर प्रशासन की निगरानी बढ़ गई है।
अब आगे क्या होगा?
अब संबंधित विभाग को पानी के बहाव को रोकने के लिए जरूरी तकनीकी उपाय करने होंगे। इसके बाद डैम का सर्वे और ग्राउंड ट्रुथिंग का काम आगे बढ़ सकेगा। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि 15 दिनों की समयसीमा में पानी के बहाव को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
पलक गीते
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